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Bareilly News: जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर जवाब नहीं देते 40 फीसदी अफसर

Tue, 25 Mar 2025 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Mar 2025 02:23 AM IST
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40% officers do not reply to the letters of public representatives
बरेली। विधान परिषद सदस्यों के संसदीय अध्ययन समिति की बैठक सोमवार को हुई। इसमें सभापति एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने अफसरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कहा कि 40 फीसदी अफसर जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब ही नहीं देते हैं। ऐसी स्थिति बदायूं और बरेली में ज्यादा है। अफसर बोले- हम फोन पर बातचीत में अवगत करा देते हैं। सभापति ने कहा कि फोन पर बताने भर से काम नहीं चलेगा। लिखित जवाब देना अनिवार्य है।
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सोमवार को दोपहर 12 बजे से विकास भवन सभागार बैठक शुरू हुई। बरेली के सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह से लंबित प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी दी। सभापति ने पूछा कि आपने जनप्रतिनिधियों को लिखित जवाब क्यों नहीं दिए। एमएलसी उमेश द्विवेदी ने बरेली और बदायूं के एक-एक अधिकारी से पूछा कि आपके जिले में किस-किस विधान परिषद सदस्य का क्षेत्र है। इस पर अफसर अटक गए। सभापति ने कहा कि जब यही नहीं पता कि कौन-कौन माननीय आपके जिले में हैं तो जवाब कैसे देंगे? कहा कि जनप्रतिनिधियों के संदर्भों की अनदेखी न करें। ब्यूरो
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समिति ने दिए यह आदेश
सड़कों पर अतिक्रमण को चिह्नित कर हटवाएं।
जहां पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें प्राथमिकता पर ठीक कराए
विद्युत सब स्टेशनों पर लगे बोर्डों पर दोबारा पेंट कराएं और संबंधित अधिकारियों के नंबर लिखवाएं
हर तीन साल में ग्राम पंचायत सचिव का कार्यक्षेत्र बदलें और मानक के अनुरूप ही ग्राम पंचायतें आवंटित की जाएं
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अक्सर लोगों को दौड़ाया जाता है, दौड़ाने वाले सचिवों को चिह्नित कर कार्रवाई करें।
यदि पुलिस को किसी प्रकरण में जनप्रतिनिधि फोन करते हैं तो उस पर गंभीरता दिखाएं
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एसएसपी की जगह एसपी आए तो मांगा स्पष्टीकरण
समिति के सभापति ने अधिकारियों का परिचय मांगा जब एसएसपी बदायूं के स्थान पर एसपी ग्रामीण बदायूं खड़े हुए तो उन्होंने कहा कि एसएसपी कहां है? एसपी ग्रामीण ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर सफाई देनी चाही तो सभापति बोले- व्यस्तता की बात मत कीजिए। अगर नहीं आना था तो पहले समिति को अवगत कराना चाहिए था। कहा कि सात दिनों जवाब दाखिल करें, तब अगली कार्रवाई होगी।
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जन प्रतिनिधियों ने तीन साल में कितने लिखे पत्र नहीं बता सके अफसर

जनप्रतिनिधियों ने तीन साल में कितने पत्र लिखे? उनका क्या निस्तारण हुआ। मध्यांचल विद्युत वितरण विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी जवाब नहीं दे सके। सभापति ने बताया कि अधिकारी बमुश्किल एक साल के पत्रों का विवरण दे सके। बैठक में दोनों जिलों से 40-40 विभागों के अधिकारियों को बुलाया गया था लेकिन बदायूं से एसएसपी, सीएमओ, सीवीओ, एसई विद्युत, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी नहीं पहुंचे थे। बदायूं के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी देरी से पहुंचे। वहीं, बदायूं के सीएमओ की ओर से एसीएमओ आए, उन्होंने बताया कि सीएमओ बीमार हैं।
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