{"_id":"68420843707256e1b2062843","slug":"39-farmer-families-who-passed-the-conditions-are-waiting-for-help-bareilly-news-c-4-1-bly1039-656326-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: शर्तों में पास 39 किसान परिवार कर रहे मदद का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: शर्तों में पास 39 किसान परिवार कर रहे मदद का इंतजार
विज्ञापन
बरेली। हादसों में जान गंवाने वाले 39 किसानों के आश्रित मुख्यमंत्री कृषक व्यक्तिगत दुर्घटना कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। ये शासन-प्रशासन के मानकों पर खरे उतर चुके हैं, लेकिन खजाना खाली होने से उनको आर्थिक मदद नहीं मिल पा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने राजस्व परिषद से 1.95 करोड़ रुपये मांगे हैं। धनराशि मिलने के बाद ही उनकी आर्थिक मदद संभव है।
ये है योजना और आवेदन की प्रक्रिया
योजना के तहत हादसे में मृत्यु होने, हाथ या पैर खोने पर किसान के आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलती है। 25 प्रतिशत से अधिक और 50 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर एक से दो लाख रुपये तक की सहायता मिलती है। हादसे के बाद आवेदक के पास छह माह का मौका रहता है। तीन महीने तक तहसील में और फिर अगले तीन महीने तक डीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदक फार्म जमा करने पर रिसीविंग जरूर लें। मृतक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो। घटना की एफआईआर, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, वरासत के रूप में आवेदक का खतौनी में नाम हो। यदि दुर्घटना में दिव्यांग हुए हैं तो एफआईआर के साथ सीएमओ स्तर से जारी प्रमाणपत्र जरूरी है। पट्टे या ठेके पर खेती करने वाले किसान भी योजना के तहत पात्र होंगे। संवाद
--
योजना के तहत आवेदन होने पर राजस्व कर्मी उसे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करते हैं। समस्या ये है कि आश्रित मृतक किसान के शव का पोस्टमाॅर्टम नहीं कराते हैं। हादसे में मौत होने पर यह जरूरी होता है। इसके आधार पर ही योजना का लाभ संभव है। इधर, कुछ आश्रितों के आवेदन स्वीकृत हैं, लेकिन धनाभाव में उन्हें लाभान्वित नहीं किया जा सका है। बजट मांगा गया है।
विज्ञापन
- संतोष सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
ये है योजना और आवेदन की प्रक्रिया
योजना के तहत हादसे में मृत्यु होने, हाथ या पैर खोने पर किसान के आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलती है। 25 प्रतिशत से अधिक और 50 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर एक से दो लाख रुपये तक की सहायता मिलती है। हादसे के बाद आवेदक के पास छह माह का मौका रहता है। तीन महीने तक तहसील में और फिर अगले तीन महीने तक डीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदक फार्म जमा करने पर रिसीविंग जरूर लें। मृतक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो। घटना की एफआईआर, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, वरासत के रूप में आवेदक का खतौनी में नाम हो। यदि दुर्घटना में दिव्यांग हुए हैं तो एफआईआर के साथ सीएमओ स्तर से जारी प्रमाणपत्र जरूरी है। पट्टे या ठेके पर खेती करने वाले किसान भी योजना के तहत पात्र होंगे। संवाद
विज्ञापन
योजना के तहत आवेदन होने पर राजस्व कर्मी उसे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करते हैं। समस्या ये है कि आश्रित मृतक किसान के शव का पोस्टमाॅर्टम नहीं कराते हैं। हादसे में मौत होने पर यह जरूरी होता है। इसके आधार पर ही योजना का लाभ संभव है। इधर, कुछ आश्रितों के आवेदन स्वीकृत हैं, लेकिन धनाभाव में उन्हें लाभान्वित नहीं किया जा सका है। बजट मांगा गया है।
विज्ञापन
- संतोष सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व