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Bareilly News: 32 लोगों ने अमृतपान कर खालसा पंथ में किया प्रवेश
Mon, 24 Jun 2024 06:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 24 Jun 2024 06:12 AM IST
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बरेली। सिखों के छठवें गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब का प्रकाश पर्व शहर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनकपुरी गुरुद्वारे में रविवार को अमृत संचार आयोजित किया गया। इसमें 32 लोगों ने अमृतपान कर खालसा पंथ में प्रवेश किया।
अमृत संचार कार्यक्रम में श्री अमृतसर साहिब से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से पंच प्यारों को भेजा गया। इसमें बिजनौर, बदायूं, लखीमपुर खीरी, बरेली आदि क्षेत्रों के 32 प्राणियों ने अमृत छक कर खालसा पंथ में प्रवेश लिया। बता दें कि सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब ने बैसाखी के दिन सभा में पांच शीशों की मांग की। लाखों की भीड़ में से पांच लोग अपना शीश देने के लिए राजी हुए।
इन्हें बाद में अमृत छकाकर पंच प्यारों का दर्जा दिया गया। गुरु साहिब ने अमृत छकाकर खालसा फोर्स तैयार की थी। तभी से पंथ का उसूल है कि अमृत छका कर खालसा पंथ में प्रवेश लिया जाता है। इसीलिए हर बड़े गुरु पर्व या धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य निचोड़ अमृत संचार होता है। अंत में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरनाम सिंह खालसा, सचिव रमिंदर सिंह सोनी, निर्माण सिंह, रविंद्र सिंह बग्गा, परमजीत सिंह दुआ ने अमृत छकने वाले प्राणियों को गुरु वाला बनने पर बधाई दी।
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अमृत संचार कार्यक्रम में श्री अमृतसर साहिब से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से पंच प्यारों को भेजा गया। इसमें बिजनौर, बदायूं, लखीमपुर खीरी, बरेली आदि क्षेत्रों के 32 प्राणियों ने अमृत छक कर खालसा पंथ में प्रवेश लिया। बता दें कि सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब ने बैसाखी के दिन सभा में पांच शीशों की मांग की। लाखों की भीड़ में से पांच लोग अपना शीश देने के लिए राजी हुए।
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इन्हें बाद में अमृत छकाकर पंच प्यारों का दर्जा दिया गया। गुरु साहिब ने अमृत छकाकर खालसा फोर्स तैयार की थी। तभी से पंथ का उसूल है कि अमृत छका कर खालसा पंथ में प्रवेश लिया जाता है। इसीलिए हर बड़े गुरु पर्व या धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य निचोड़ अमृत संचार होता है। अंत में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरनाम सिंह खालसा, सचिव रमिंदर सिंह सोनी, निर्माण सिंह, रविंद्र सिंह बग्गा, परमजीत सिंह दुआ ने अमृत छकने वाले प्राणियों को गुरु वाला बनने पर बधाई दी।
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