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अमृतसर में नहीं चेक हुए थे कोच, सहारनपुर से आने लगी थीं आवाजें
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बरेली। जनसेवा एक्सप्रेस के कोच में सहारनपुर स्टेशन से ही आवाजें आना शुरू हुई थीं, लेकिन लापरवाही के चलते सभी स्टेशन मास्टर अगली स्टेशन पर चेक करने की बात कहकर ट्रेन को आगे बढ़ाते रहे। नगरिया सादात के स्टेशन मास्टर ने धुआं निकलते देखा तो वाकी-टाकी से गार्ड को बताया। मामले की गंभीरता देख सूझबूझ दिखाने वाले स्टेशन मास्टर को मुरादाबाद डिवीजन के डीआरएम ने बुलाकर सम्मानित किया। वहीं, रेलवे सूत्रों का कहना है कि अमृतसर में कोच चेक होता तो मामला पहले ही पकड़ा जाता।
अमृतसर से सहरसा जा रही जनसेवा एक्सप्रेस के गार्ड से चौथे कोच में आवाजें सहारनपुर स्टेशन से ही आनी शुरू हो गई थीं। गार्ड ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को भी दी, लेकिन उन्होंने अगले स्टेशन पर मेंटीनेंस की बात कहकर ट्रेन आगे बढ़वा दी। यह खुलासा जनसेवा एक्सप्रेस के एक यात्री ने किया। यात्री का कहना था कि कोच की आवाज को उन्होंने कई स्टेशन पर बताया था। नगरिया सादात के स्टेशन मास्टर मौके पर नहीं देखते तो आग पहियों से बोगी तक पहुंच सकती थी। वहीं, मुरादाबाद मंडल के सूत्रों का कहना है कि अमृतसर स्टेशन पर कोच चेक होता तो यह स्थिति नहीं आती। मगर ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को मुरादाबाद डिवीजन के डीआरएम एके सिंघल ने नगरिया सादात के स्टेशन मास्टर मुन्ना लाल और गार्ड बीएम मीना को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बृहस्पतिवार शाम पौने छह बजे जनसेवा एक्सप्रेस के पहियों में धुआं निकलते देख ट्रेन को धनेटा और नगरिया सादात स्टेशन के बीच रुकवाकर हादसा बचाया था।
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अमृतसर से सहरसा जा रही जनसेवा एक्सप्रेस के गार्ड से चौथे कोच में आवाजें सहारनपुर स्टेशन से ही आनी शुरू हो गई थीं। गार्ड ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को भी दी, लेकिन उन्होंने अगले स्टेशन पर मेंटीनेंस की बात कहकर ट्रेन आगे बढ़वा दी। यह खुलासा जनसेवा एक्सप्रेस के एक यात्री ने किया। यात्री का कहना था कि कोच की आवाज को उन्होंने कई स्टेशन पर बताया था। नगरिया सादात के स्टेशन मास्टर मौके पर नहीं देखते तो आग पहियों से बोगी तक पहुंच सकती थी। वहीं, मुरादाबाद मंडल के सूत्रों का कहना है कि अमृतसर स्टेशन पर कोच चेक होता तो यह स्थिति नहीं आती। मगर ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को मुरादाबाद डिवीजन के डीआरएम एके सिंघल ने नगरिया सादात के स्टेशन मास्टर मुन्ना लाल और गार्ड बीएम मीना को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने बृहस्पतिवार शाम पौने छह बजे जनसेवा एक्सप्रेस के पहियों में धुआं निकलते देख ट्रेन को धनेटा और नगरिया सादात स्टेशन के बीच रुकवाकर हादसा बचाया था।
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