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संवेदनशील चार ब्लॉकों में होगा डीडीटी दवा का छिड़काव
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बरेली। लखनऊ से आए जेडी मलेरिया डॉ. अवधेश यादव के साथ मंडल भर के स्वास्थ्य अधिकारियों की हुई बैठक के बाद मलेरिया विभाग अलर्ट हो गया है। जिले में पिछले साल चार ब्लॉकों में सबसे ज्यादा मलेरिया के मरीज मिले थे जिसे देखते हुए यहां 15 मई से डीडीटी दवा का छिड़काव कराया जाएगा। आंवला, भमोरा, मझगवां और रामनगर ब्लॉक संवेदनशील श्रेणी हैं जहां के 218 गांव में दवा का छिड़काव किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगा ताकि लोगों को मलेरिया से बचाया जा सके।
पिछले दिनों बैठक में जेडी मलेरिया ने मलेरिया की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। आंवला, भमोरा, मझगवां और रामनगर में पिछले साल सबसे ज्यादा मलेरिया के मामले सामने आए थे। पूरे जिले में 37 हजार केस मलेरिया के मिले थे। इसके अलावा सात हजार केस फैल्सीफेरम के थे। सबसे खराब स्थिति रामनगर ब्लॉक की थी। जेडी मलेरिया ने स्वास्थ्य विभाग को लार्वा खाने वाली गंबूसिया मछली का भी सहारा लेने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग अभी से ही मलेरिया से निपटने के लिए कारगर उपाए करने में जुटा है। चार ब्लॉक के इलाके चिह्नित कर लिए गए हैं। यहां 15 मई से डीडीटी दवा का छिड़काव कराया जाएगा। इन इलाकों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले उसपर नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए जा सके।
बढ़ने लगा मच्छरों का प्रकोप
गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। गांव की स्थिति और ज्यादा खराब है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लोग अभी से ही सतर्कता बरतें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। अगर तेज बुखार आए तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। घरों के आसपास पानी न भरने दें। पानी में ही लार्वा पनपता है।
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पिछले दिनों बैठक में जेडी मलेरिया ने मलेरिया की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। आंवला, भमोरा, मझगवां और रामनगर में पिछले साल सबसे ज्यादा मलेरिया के मामले सामने आए थे। पूरे जिले में 37 हजार केस मलेरिया के मिले थे। इसके अलावा सात हजार केस फैल्सीफेरम के थे। सबसे खराब स्थिति रामनगर ब्लॉक की थी। जेडी मलेरिया ने स्वास्थ्य विभाग को लार्वा खाने वाली गंबूसिया मछली का भी सहारा लेने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग अभी से ही मलेरिया से निपटने के लिए कारगर उपाए करने में जुटा है। चार ब्लॉक के इलाके चिह्नित कर लिए गए हैं। यहां 15 मई से डीडीटी दवा का छिड़काव कराया जाएगा। इन इलाकों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले उसपर नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए जा सके।
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बढ़ने लगा मच्छरों का प्रकोप
गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। गांव की स्थिति और ज्यादा खराब है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लोग अभी से ही सतर्कता बरतें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। अगर तेज बुखार आए तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। घरों के आसपास पानी न भरने दें। पानी में ही लार्वा पनपता है।
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