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सांस्कृतिक समझ के आदान प्रदान को नाटक का मंचन
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बरेली। पूर्वोत्तर राज्यों में थिएटर के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों में सांस्कृतिक समझ एवं आदान प्रदान को प्रोत्साहन देने की गरज से बरेली की टीम असम और मेघालय पहुंची थी। इसमें रंग विनायक रंग मंडल की टीम ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से असम और मेघालय में मुंशी प्रेम चंद्र के नाटक ‘शतरंज के खिलाड़ी’ का मंचन किया।
नाटक का मंचन इन संस्थाओं ने संयुक्त परियोजना के तहत दोनों प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर किया गया। इसके तहत 10 से 18 मार्च के बीच रंग विनायक के कलाकारों ने सोनपुर कॉलेज, मोरेगांव के अलावा गुहाटी एवं शीलांग में प्रस्तुति दी। नाटक अंबुज कुकरेती के निर्देशन में मंचित किया गया। प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर अस्मिता श्री ने बरेली आकर बताया कि उन राज्यों में हिंदी भाषा की जानकारी न होने के बावजूद लोगों ने काफी उत्साह दिखाया। इसमें नेपाल के दर्शक भी शामिल हुए। रंग विनायक के हेड डॉ. बृजेश्वर सिंह ने एनएसडी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का सहयोग मिलने से कलाकारों में कला के प्रति जिम्मेदारी और उत्साह बना रहता है।
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नाटक का मंचन इन संस्थाओं ने संयुक्त परियोजना के तहत दोनों प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर किया गया। इसके तहत 10 से 18 मार्च के बीच रंग विनायक के कलाकारों ने सोनपुर कॉलेज, मोरेगांव के अलावा गुहाटी एवं शीलांग में प्रस्तुति दी। नाटक अंबुज कुकरेती के निर्देशन में मंचित किया गया। प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर अस्मिता श्री ने बरेली आकर बताया कि उन राज्यों में हिंदी भाषा की जानकारी न होने के बावजूद लोगों ने काफी उत्साह दिखाया। इसमें नेपाल के दर्शक भी शामिल हुए। रंग विनायक के हेड डॉ. बृजेश्वर सिंह ने एनएसडी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का सहयोग मिलने से कलाकारों में कला के प्रति जिम्मेदारी और उत्साह बना रहता है।
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