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आयोग कई मामलों को दर्ज न करने पर मांगा स्प्ष्टीकरण
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बरेली। मानवाधिकार और महिला आयोग के कई मामलों को रजिस्टर पर दर्ज ही नहीं किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता के पद की नियुक्ति के लिए 155 फार्म संबंधित अधिकारी के पास प्रस्तुत ही नहीं किए गए। प्रशासनिक अधिकारी ने इस लापरवाही पर आंग्ल अभिलेखागार के इन्डेसर त्रिलोकीनाथ से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता के पद के लिए कई अधिवक्ताओं ने फार्म जमा किए गए हैं। कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी ने कुछ दिन पहले आंग्ल अभिलेखागार का निरीक्षण किया तो यह सामने आया कि इन्डेसर ने करीब सप्ताहभर पहले आए इन फार्मों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया है। इसके अलावा इंडेक्स रजिस्टर पर भी लंबित संदर्भों का ब्योरा दर्ज नहीं हुआ था, जबकि इसे लाल स्याही से लिखा जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि नौ फरवरी तक मानवाधिकार आयोग का मात्र एक संदर्भ दर्ज हुआ है, जबकि न्याय सहायक द्वितीय के अभिलेखों के अनुसार इस अवधि तक मानवाधिकार आयोग के दो और राज्य महिला आयोग के एक संदर्भ प्राप्त हो चुके हैं। इस लापरवाही पर प्रशासनिक अधिकारी ने इन्डेसर त्रिलोकी नाथ से स्पष्टीकरण मांगा है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता के पद के लिए कई अधिवक्ताओं ने फार्म जमा किए गए हैं। कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी ने कुछ दिन पहले आंग्ल अभिलेखागार का निरीक्षण किया तो यह सामने आया कि इन्डेसर ने करीब सप्ताहभर पहले आए इन फार्मों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया है। इसके अलावा इंडेक्स रजिस्टर पर भी लंबित संदर्भों का ब्योरा दर्ज नहीं हुआ था, जबकि इसे लाल स्याही से लिखा जाना चाहिए। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि नौ फरवरी तक मानवाधिकार आयोग का मात्र एक संदर्भ दर्ज हुआ है, जबकि न्याय सहायक द्वितीय के अभिलेखों के अनुसार इस अवधि तक मानवाधिकार आयोग के दो और राज्य महिला आयोग के एक संदर्भ प्राप्त हो चुके हैं। इस लापरवाही पर प्रशासनिक अधिकारी ने इन्डेसर त्रिलोकी नाथ से स्पष्टीकरण मांगा है।
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