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गुजारा भत्ता न देने से बच्ची की फीस अटकी तो ससुर भिड़ा दामाद से
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:43 AM IST
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बेटी की पढ़ाई के मसले ने इतना तूल पकड़ा कि बुधवार को कोर्ट रूम के बाहर घमासान हो गया। दरअसल, पति के कई महीनों तक लगातार गुजारा भत्ता न देने की वजह से बेटी की पढ़ाई रुकी तो पत्नी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उसके खिलाफ रिकवरी वारंट जारी करने की फरियाद की। इससे बौखलाए पति ने कोर्ट रूम के बाहर अपने ससुर को बुरी तरह पीट दिया। मारपीट के दौरान यहां भगदड़ मच गई।
फरीदपुर की छवि शुक्ला ने अपने पति शाहजहांपुर के मोहल्ला खलील शर्की के रहने वाले आलोक मिश्रा से अलगाव होने के बाद गुजारे भत्ते के लिए अदालत में दावा किया था। अदालत ने दो जुलाई 2005 को आदेश जारी कर 1500 रुपये माहवार का गुजारा भत्ता तय किया। इस रकम से बच्चे का भरण पोषण और पढ़ाई न हो पाने के आधार पर छवि ने सन् 2009 में अदालत में फिर अर्जी दाखिल कर गुजारा भत्ता बढ़ाने की फरियाद की तो अदालत ने इसे बढ़ाकर 2200 रुपये कर दिया। इसी तरह वर्ष 2016 में छवि ने फिर अदालत में अर्जी दाखिल कर बताया कि उनका बच्चा अब सेंट पॉल स्कूल में पढ़ता है। इसकी फीस ही 1120 रुपये है, लिहाजा गुजारा भत्ता बढ़ाकर 5000 हजार रुपये कर दिया जाए। अदालत ने इस पर 30 जुलाई 2016 को पति को मासिक गुजारा भत्ता चार हजार रुपये देने का आदेश किया।
अदालत से यह आदेश जारी होने के बाद पति ने गुजारा भत्ता जमा करना बंद कर दिया। बकाया रकम बढ़कर जब 50 हजार रुपये हो गई तो छवि ने अदालत मेें अर्जी दी कि पैसा न मिलने से वह अपने बच्चे की फीस नहीं जमा कर पाई है। इसलिए उनके पति को गिरफ्तार कर उन्हें पैसा दिलाया जाए।
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बुधवार को इस अर्जी पर सुनवाई के लिए छवि शुक्ला अपने पिता सरोज कुमार शुक्ला के साथ अदालत आई थीं। गिरफ्तारी की अर्जी से बौखलाए पति ने अदालत से बाहर निकलते ही अपने ससुर को टोका। नोकझोंक के बाद दोनों में जमकर मारपीट हुई। किसी के कपड़े फटे तो किसी का बैग दूर जाकर गिरा। दोनों इस बुरी तरह आपस में भिड़े कि कोर्ट के बाहर बैठी लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ देर बाद वकीलों ने बीचबचाव किया। छवि भी पिता और पति के बीच हुई इस मारपीट में बीचबचाव की कोशिश करती रहीं ।
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फरीदपुर की छवि शुक्ला ने अपने पति शाहजहांपुर के मोहल्ला खलील शर्की के रहने वाले आलोक मिश्रा से अलगाव होने के बाद गुजारे भत्ते के लिए अदालत में दावा किया था। अदालत ने दो जुलाई 2005 को आदेश जारी कर 1500 रुपये माहवार का गुजारा भत्ता तय किया। इस रकम से बच्चे का भरण पोषण और पढ़ाई न हो पाने के आधार पर छवि ने सन् 2009 में अदालत में फिर अर्जी दाखिल कर गुजारा भत्ता बढ़ाने की फरियाद की तो अदालत ने इसे बढ़ाकर 2200 रुपये कर दिया। इसी तरह वर्ष 2016 में छवि ने फिर अदालत में अर्जी दाखिल कर बताया कि उनका बच्चा अब सेंट पॉल स्कूल में पढ़ता है। इसकी फीस ही 1120 रुपये है, लिहाजा गुजारा भत्ता बढ़ाकर 5000 हजार रुपये कर दिया जाए। अदालत ने इस पर 30 जुलाई 2016 को पति को मासिक गुजारा भत्ता चार हजार रुपये देने का आदेश किया।
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अदालत से यह आदेश जारी होने के बाद पति ने गुजारा भत्ता जमा करना बंद कर दिया। बकाया रकम बढ़कर जब 50 हजार रुपये हो गई तो छवि ने अदालत मेें अर्जी दी कि पैसा न मिलने से वह अपने बच्चे की फीस नहीं जमा कर पाई है। इसलिए उनके पति को गिरफ्तार कर उन्हें पैसा दिलाया जाए।
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बुधवार को इस अर्जी पर सुनवाई के लिए छवि शुक्ला अपने पिता सरोज कुमार शुक्ला के साथ अदालत आई थीं। गिरफ्तारी की अर्जी से बौखलाए पति ने अदालत से बाहर निकलते ही अपने ससुर को टोका। नोकझोंक के बाद दोनों में जमकर मारपीट हुई। किसी के कपड़े फटे तो किसी का बैग दूर जाकर गिरा। दोनों इस बुरी तरह आपस में भिड़े कि कोर्ट के बाहर बैठी लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ देर बाद वकीलों ने बीचबचाव किया। छवि भी पिता और पति के बीच हुई इस मारपीट में बीचबचाव की कोशिश करती रहीं ।