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प्रतिनिधि को भगाया तो नगर आयुक्त पर भड़के विधायक
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:52 AM IST
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विधायक ने हड़काया तो नगर आयुक्त का कलम लड़खड़ाया
सफाई कर्मी का तबादला रोकने की सिफारिश करने वाले को लौटाने पर विधायक ने नाराजगी दिखाई, तबादला न रोकने पर अड़े नगर आयुक्त ने अपना फैसला बदला
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
सफाई कर्मी का ट्रांसफर रद्द करने की सिफारिश लेकर पहुंचे विधायक डीसी वर्मा के प्रतिनिधि को नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने हड़काकर भगा दिया। इसके बाद विधायक ने नगर आयुक्त को फोन करके जमकर खरी-खोटी सुनाई तो तबादला न रोकने पर अड़े नगर आयुक्त ने अपना फैसला पलट दिया।
नगर निगम में इन दिनों सफाई कर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला काफी गरम है। हर दिन ही नगर आयुक्त के पास दर्जनों सिफारिशें पहुंच रही हैं। मनचाही तैनाती के लिए कोई विधायक तो कोई पार्षद से सिफारिश करा रहा है। शुक्रवार को मीरगंज विधायक डीसी वर्मा के प्रतिनिधि हरपाल गिरि सफाई कर्मी चंद्रपाल का ट्रांसफर रद्द कराने की सिफारिश लेकर पहुंचे तो नगर आयुक्त ने 15 जून के बाद ही इस पर कोई निर्णय लेने की बात कही। हरपाल ने विधायक से बात करने को कहा तो नगर आयुक्त ने इंकार कर दिया और उन्हें हड़काकर भगा दिया। इसके बाद विधायक ने नगर आयुक्त को फोन करके जमकर खरी-खोटी सुनाई। आरोप लगाया कि वह गरीबों की बात नहीं सुनते हैं। हालांकि इस सबके बाद नगर आयुक्त ने सफाई कर्मी का ट्रांसफर रद्द कर दिया।
वर्जन
एक व्यक्ति विधायक जी का पत्र लेकर आया था और उनसे बात कराने को कहने लगा। मैंने पत्र लेकर 15 जून के बाद निर्णय लेने को कह दिया। इसमें नाराजगी जैसी कोई बात नहीं हुई। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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नगर आयुक्त ने मेरे प्रतिनिधि को भगा दिया तो मैंने फोन करके समझाया कि व्यवहार ठीक रखो। फटे कपड़े वालों से घृणा मत करो। हम जनप्रतिनिधि हैं, सबको जवाब देना होता है। आप अधिकारी हैं और सबकी बात सुननी पड़ेगी। काम करते या नहीं करते लेकिन उसे भगाना नहीं चाहिए था। - डीसी वर्मा, मीरगंज विधायक
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इनसेट..
ईद पर नहीं हुई सफाई तो बानखाना वालों ने अफसर पर की चढ़ाई
सफाई कर्मी कम होने से चौपट हुआ काम तो बंधक बना लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी
बरेली।
सफाई कर्मियों का सत्यापन करने पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी को बानखाना में भीड़ ने घेर लिया। उन्हें गाड़ी से नहीं उतरने दिया। लोगों की मांग थी कि जो कर्मचारी कम किए गए हैं, उतने ही बढ़ाए जाएं।
ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान बानखाना के पांच सफाई कर्मी कम कर दिए गए हैं। इसके चलते वहां सफाई कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार सुबह नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार वहां सफाई कार्यों का जायजा लेने पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्हें गाड़ी से नीचे ही नहीं उतरने दिया। सूचना पर पार्षद शमीम अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया। लोगों ने कहा कि बानखाना में 18 सफाई कर्मचारी थे, लेकिन अब पांच कम कर दिए गए हैं। इस वजह से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कर्मचारी बढ़ाने का आश्वासन दिया तब लोगों ने उन्हें जाने दिया। शाम को बानखाना में पांच और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने इसे घेराव न बताकर सिर्फ लोगों के विरोध जताने की बात कही है।
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सफाई कर्मी का तबादला रोकने की सिफारिश करने वाले को लौटाने पर विधायक ने नाराजगी दिखाई, तबादला न रोकने पर अड़े नगर आयुक्त ने अपना फैसला बदला
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
सफाई कर्मी का ट्रांसफर रद्द करने की सिफारिश लेकर पहुंचे विधायक डीसी वर्मा के प्रतिनिधि को नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने हड़काकर भगा दिया। इसके बाद विधायक ने नगर आयुक्त को फोन करके जमकर खरी-खोटी सुनाई तो तबादला न रोकने पर अड़े नगर आयुक्त ने अपना फैसला पलट दिया।
नगर निगम में इन दिनों सफाई कर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला काफी गरम है। हर दिन ही नगर आयुक्त के पास दर्जनों सिफारिशें पहुंच रही हैं। मनचाही तैनाती के लिए कोई विधायक तो कोई पार्षद से सिफारिश करा रहा है। शुक्रवार को मीरगंज विधायक डीसी वर्मा के प्रतिनिधि हरपाल गिरि सफाई कर्मी चंद्रपाल का ट्रांसफर रद्द कराने की सिफारिश लेकर पहुंचे तो नगर आयुक्त ने 15 जून के बाद ही इस पर कोई निर्णय लेने की बात कही। हरपाल ने विधायक से बात करने को कहा तो नगर आयुक्त ने इंकार कर दिया और उन्हें हड़काकर भगा दिया। इसके बाद विधायक ने नगर आयुक्त को फोन करके जमकर खरी-खोटी सुनाई। आरोप लगाया कि वह गरीबों की बात नहीं सुनते हैं। हालांकि इस सबके बाद नगर आयुक्त ने सफाई कर्मी का ट्रांसफर रद्द कर दिया।
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एक व्यक्ति विधायक जी का पत्र लेकर आया था और उनसे बात कराने को कहने लगा। मैंने पत्र लेकर 15 जून के बाद निर्णय लेने को कह दिया। इसमें नाराजगी जैसी कोई बात नहीं हुई। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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नगर आयुक्त ने मेरे प्रतिनिधि को भगा दिया तो मैंने फोन करके समझाया कि व्यवहार ठीक रखो। फटे कपड़े वालों से घृणा मत करो। हम जनप्रतिनिधि हैं, सबको जवाब देना होता है। आप अधिकारी हैं और सबकी बात सुननी पड़ेगी। काम करते या नहीं करते लेकिन उसे भगाना नहीं चाहिए था। - डीसी वर्मा, मीरगंज विधायक
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इनसेट..
ईद पर नहीं हुई सफाई तो बानखाना वालों ने अफसर पर की चढ़ाई
सफाई कर्मी कम होने से चौपट हुआ काम तो बंधक बना लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी
बरेली।
सफाई कर्मियों का सत्यापन करने पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी को बानखाना में भीड़ ने घेर लिया। उन्हें गाड़ी से नहीं उतरने दिया। लोगों की मांग थी कि जो कर्मचारी कम किए गए हैं, उतने ही बढ़ाए जाएं।
ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान बानखाना के पांच सफाई कर्मी कम कर दिए गए हैं। इसके चलते वहां सफाई कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार सुबह नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार वहां सफाई कार्यों का जायजा लेने पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्हें गाड़ी से नीचे ही नहीं उतरने दिया। सूचना पर पार्षद शमीम अहमद मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया। लोगों ने कहा कि बानखाना में 18 सफाई कर्मचारी थे, लेकिन अब पांच कम कर दिए गए हैं। इस वजह से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कर्मचारी बढ़ाने का आश्वासन दिया तब लोगों ने उन्हें जाने दिया। शाम को बानखाना में पांच और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने इसे घेराव न बताकर सिर्फ लोगों के विरोध जताने की बात कही है।