{"_id":"5b15917a4f1c1bf86e8b648f","slug":"21528140154-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्रेसिंग कराने के लिए चार घंटे भटका विकलांग युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्रेसिंग कराने के लिए चार घंटे भटका विकलांग युवक
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
ड्रेसिंग कराने के लिए चार घंटे भटका दिव्यांग
सीएमएस ने स्टाफ को हड़काया तब हुई उसकी मरहम-पट्टी
बरेली। जिला अस्पताल में ड्रेसिंग कराने के लिए एक दिव्यांग युवक को चार घंटे भटकना पड़ा। डॉक्टर उसे एक कमरे से दूसरे कमरे में भेजते रहे। शिकायत मिलने पर जब सीएमएस ने स्टाफ को हड़काया तब वार्ड ब्यॉय ने उसकी मरहम-पट्टी की। दबतरा गांव निवासी रामसुमरन के 12 मार्च को हादसे में ट्रेन से दोनों पैर कट गए थे। अब उनकी हर सप्ताह एक बार पट्टी होती है। सोमवार को भाई रामगोपाल के साथ रामसुमरन दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह पट्टी कराने के लिए ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। इसके बॉद डॉक्टरों के कहने पर वह चार घंटे तक एक कमरे से दूसरे कमरे में चक्कर काटते रहे लेकिन ड्रेसिंग नहीं हुई। करीब डेढ़ बजे रामसुमरन ने सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से शिकायत की तो उन्होंने प्लास्टर रूम में ड्रेसिंग कराने के आदेश डॉक्टर को दिए। इस बाबत सीएमएस ने बताया कि जिला अस्पताल में ड्रेसर अनवर के दो साल पहले रिटायर होने के बाद उनकी जगह अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। डॉक्टर वार्ड ब्यॉय से पट्टी कराते हैं।
विज्ञापन
ड्रेसिंग कराने के लिए चार घंटे भटका दिव्यांग
सीएमएस ने स्टाफ को हड़काया तब हुई उसकी मरहम-पट्टी
बरेली। जिला अस्पताल में ड्रेसिंग कराने के लिए एक दिव्यांग युवक को चार घंटे भटकना पड़ा। डॉक्टर उसे एक कमरे से दूसरे कमरे में भेजते रहे। शिकायत मिलने पर जब सीएमएस ने स्टाफ को हड़काया तब वार्ड ब्यॉय ने उसकी मरहम-पट्टी की। दबतरा गांव निवासी रामसुमरन के 12 मार्च को हादसे में ट्रेन से दोनों पैर कट गए थे। अब उनकी हर सप्ताह एक बार पट्टी होती है। सोमवार को भाई रामगोपाल के साथ रामसुमरन दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह पट्टी कराने के लिए ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। इसके बॉद डॉक्टरों के कहने पर वह चार घंटे तक एक कमरे से दूसरे कमरे में चक्कर काटते रहे लेकिन ड्रेसिंग नहीं हुई। करीब डेढ़ बजे रामसुमरन ने सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से शिकायत की तो उन्होंने प्लास्टर रूम में ड्रेसिंग कराने के आदेश डॉक्टर को दिए। इस बाबत सीएमएस ने बताया कि जिला अस्पताल में ड्रेसर अनवर के दो साल पहले रिटायर होने के बाद उनकी जगह अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। डॉक्टर वार्ड ब्यॉय से पट्टी कराते हैं।