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जंग खा रही जिम की मशीनें, वालीबॉल खेलना हो तो खुद डालो फील्ड में पानी

Sat, 18 May 2019 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2019 02:20 AM IST
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जंग खा रही जिम की मशीनें, वालीबॉल खेलना हो तो खुद डालो फील्ड में पानी
बरेली। अपने शहर के बंद पड़े बड़े तरणताल को तो स्टेडियम प्रशासन ने ठीक करा दिया। शनिवार से यहां शुरू हो रही सब जूनियर राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता के लिए उसमें व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली गई हैं, लेकिन तरणताल के ठीक सामने और कर्मचारी अधिकारी आवास के निकट स्थित जिम और वॉलीबॉल कोर्ट की दशा अब तक नहीं सुधर सकी है। जिम पर ताला लगा होने से शहर के युवक-युवतियां शारीरिक रूप से फिट दिखने के लिए प्राइवेट जिम में अधिक धन खर्च करने को मजबूर हैं। वॉलीबॉल के खिलाड़ी अब तक खेलने से पहले कोर्ट में कंकड़ बीनते थे अब उन्हें उड़ती धूल के चलते खेलने से पहले पानी भी छिड़कना पड़ता है।
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शारीरिक रूप से फिट दिखने की चाहत किसे नहीं होती। खास कर युवक युवतियां इसको लेकर गंभीर रहते हैं। इसी का फायदा उठा कर शहर के कई स्थानों पर जिम संचालित हो रहे हैं। फिट दिखने की चाहत में युवक युवतियों को इन जिमों में अच्छी खासी रकम भी खर्च करनी पड़ती है। अपने स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम है। जिसमें कसरत करने के लगभग सभी उपकरण भी हैं, लेकिन अफसोस कई सालों से उसमें कोच नहीं है। स्टेडियम प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान देने के बजाय इस पर ताला लगा रखा है। लिहाजा सालों से लाखों की जिम की मशीनें जंग खा रही हैं। जबकि अधिकतर खेलों से पहले फिटनेस के लिए खिलाड़ी कुछ देर जिम में अभ्यास करते हैं।
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वॉलीबॉल के कोर्ट को हालांकि क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी ने शीघ्र ही दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की बात कही है, लेेकिन फिलहाल खिलाड़ियों को अभी राहत नहीं मिल सकी है। कंकड़ भरे कोर्ट में तो उन्हें खेलना ही पड़ रहा था अब कोर्ट में गर्मी के कारण धूल भी उन्हें परेशान करने लगी है। लिहाजा इन खिलाड़ियों को अब खेलने से पहले कंकड़ बीनने के बाद फील्ड में पानी से छिड़काव भी करना पड़ रहा है।
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जिम के कोच नहीं हैं। अभ्यास के इधर कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो रहे हैं। अभ्यास के दौरान किसी को चोट न लग जाए या कोई अनहोनी न हो जाए इसके लिए मजबूरन जिम बंद करना पड़ा है। अगर कोई अनुभवी खुद अभ्यास करने की बात कहता है तो उसके लिए खोल भी दिया जाता है।
-विजय कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
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