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साल के अंत तक बरेली-कासगंज सेक्शन पर दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
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- फोटो : डेमो
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बरेली। भले ही रेलवे आईवीआरआई फ्लाई ओवर पर ट्रैफिक न दौड़ा सका हो, लेकिन बरेली-कासगंज सेक्शन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें जरूर चलने लगेंगी। ऐसा कानपुर-मथुरा, मथुरा-कासगंज, डालीगंज-सीतापुर और सीतापुर-मैलानी में तेजी से हो रहे विद्युतीकरण के कार्यों को देखते हुए कहा जा रहा है। इज्जतनगर मंडल में बरेली- कासगंज सेक्शन पर इलेक्ट्रिीफिकेशन के लिए पिलर्स बनाने के लिए फाउंडेशन बनने का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे अफसरों का कहना है कि साल के आखिर तक बरेली वालों को फर्रुखाबाद के लिए भी कम समय में सीधी एक्सप्रेस ट्रेन मिल सकती है। इस पूरे काम पर करीब चार अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए ओएचई लाइन बिछाने का काम तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण का काम डालीगंज-सीतापुर, दूसरे चरण का सीतापुर-मैलानी और तीसरा चरण में इज्जतनगर से कासगंज तक विद्युतीकरण का कार्य किया जाना है।
उधर, मथुरा से कासंगज के बीच भी विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। कासगंज से इज्जतनगर तक पिलर्स बनने शुरू हो गए हैं। यह काम 2019 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा पहले-दूसरे चरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि साल के आखिर में लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक ट्रेनें इस सेक्शन पर चलना शुरू हो जाएंगी, जिसमें कई ट्रेनें दक्षिण भारत के मंदिरों के भी दर्शन कराएंगी। वहीं कई ट्रेनें दिल्ली से वाया बरेली-फर्रुखाबाद-कानपुर के लिए उपलब्ध होंगी। यहां बता दें कि अभी तक मात्र एक उत्तर रेलवे की यात्री ट्रेन (54466/54464) फर्रुखाबाद के लिए बरेली जंक्शन से 21.15 बजे रवाना होती है, जो लंबे मार्ग से गुजरते हुए फर्रुखाबाद दूसरे दिन 10.20 बजे लगभग 13 घंटे में फर्रुखाबाद पहुंचती है। रेल विकास निगम लिमिटेड के सहायक प्रबंधक कृष्ण मोहन शर्मा ने बताया कि पिलर्स सिटी स्टेशन तक बन गए हैं। काम काफी तेजी से चल रहा है। पिलर्स बनने के बाद सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
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इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए ओएचई लाइन बिछाने का काम तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण का काम डालीगंज-सीतापुर, दूसरे चरण का सीतापुर-मैलानी और तीसरा चरण में इज्जतनगर से कासगंज तक विद्युतीकरण का कार्य किया जाना है।
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उधर, मथुरा से कासंगज के बीच भी विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। कासगंज से इज्जतनगर तक पिलर्स बनने शुरू हो गए हैं। यह काम 2019 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा पहले-दूसरे चरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि साल के आखिर में लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक ट्रेनें इस सेक्शन पर चलना शुरू हो जाएंगी, जिसमें कई ट्रेनें दक्षिण भारत के मंदिरों के भी दर्शन कराएंगी। वहीं कई ट्रेनें दिल्ली से वाया बरेली-फर्रुखाबाद-कानपुर के लिए उपलब्ध होंगी। यहां बता दें कि अभी तक मात्र एक उत्तर रेलवे की यात्री ट्रेन (54466/54464) फर्रुखाबाद के लिए बरेली जंक्शन से 21.15 बजे रवाना होती है, जो लंबे मार्ग से गुजरते हुए फर्रुखाबाद दूसरे दिन 10.20 बजे लगभग 13 घंटे में फर्रुखाबाद पहुंचती है। रेल विकास निगम लिमिटेड के सहायक प्रबंधक कृष्ण मोहन शर्मा ने बताया कि पिलर्स सिटी स्टेशन तक बन गए हैं। काम काफी तेजी से चल रहा है। पिलर्स बनने के बाद सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
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