{"_id":"5c33ad26bdec22569f2681c6","slug":"201546890534-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत हिसाब-किताब रखने पर आपदा बाबू पर भड़के कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत हिसाब-किताब रखने पर आपदा बाबू पर भड़के कमिश्नर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कलक्ट्रेट में कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने दिनभर निरीक्षण किया। तमाम कार्यालयों के रिकार्ड और कर्मचारियों को बुलाकर एक-एक करके पूछताछ की। आपदा विभाग के कार्यालय के निरीक्षण करने के दौरान एक बाबू के जोड़ गलत करने पर वह काफी नाराज हुए। इसके अलावा रिकार्ड रूम में खतौनियों की स्थिति देखकर उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश दिए गए।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त रणवीर प्रसाद ने शस्त्र अनुभाग में लंबित आवेदनोें पत्रों की जानकारी ली। मंडलायुक्त ने कक्ष संख्या 10 में राजस्व अभिलेखों का निरीक्षण में पाया कि चकबंदी बस्ता, जिल्द चकबंदी की पुरानी फाइलें बैंड नहीं थी। नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएम व लिपिक को निर्देश दिए कि खतौनी रिकार्ड जल्द से जल्द दुरुस्त कर लिया जाए और उनकी सूची भी ग्रामवार तैयार कराई जाए। उन्होंने कलक्ट्रेट में खुली वायरिंग देखकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा के लिहाज से यह ठीक नहीं है। खतौनियों के रजिस्टर खुली वायरिंग से टच न हो, यह व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। इसके अलावा अग्निशमन सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने रिकार्ड रूम में एक फोटो मशीन भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने कक्ष संख्या 13 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में पाया कि 12 मामलों की सूची, जो रजिस्टर में दर्ज नहीं है। सूची में पेंडिग मामलों को भी नहीं दर्शाया गया। गाइड फाइल में छह मई 2013 के बाद का कोई भी आगे का शासनादेश नहीं लगा मिला। इस पर नाराजगी व्यक्त करते तत्काल सभी लंबित फाइलों का निस्तारण करा कर अवगत कराए जाने के आदेश दिए। इस मौके पर प्रभारी डीएम सीडीओ सत्येंद्र कुमार, एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय, एडीएम सिटी ओपी वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को कलेक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त रणवीर प्रसाद ने शस्त्र अनुभाग में लंबित आवेदनोें पत्रों की जानकारी ली। मंडलायुक्त ने कक्ष संख्या 10 में राजस्व अभिलेखों का निरीक्षण में पाया कि चकबंदी बस्ता, जिल्द चकबंदी की पुरानी फाइलें बैंड नहीं थी। नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएम व लिपिक को निर्देश दिए कि खतौनी रिकार्ड जल्द से जल्द दुरुस्त कर लिया जाए और उनकी सूची भी ग्रामवार तैयार कराई जाए। उन्होंने कलक्ट्रेट में खुली वायरिंग देखकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा के लिहाज से यह ठीक नहीं है। खतौनियों के रजिस्टर खुली वायरिंग से टच न हो, यह व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। इसके अलावा अग्निशमन सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने रिकार्ड रूम में एक फोटो मशीन भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने कक्ष संख्या 13 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में पाया कि 12 मामलों की सूची, जो रजिस्टर में दर्ज नहीं है। सूची में पेंडिग मामलों को भी नहीं दर्शाया गया। गाइड फाइल में छह मई 2013 के बाद का कोई भी आगे का शासनादेश नहीं लगा मिला। इस पर नाराजगी व्यक्त करते तत्काल सभी लंबित फाइलों का निस्तारण करा कर अवगत कराए जाने के आदेश दिए। इस मौके पर प्रभारी डीएम सीडीओ सत्येंद्र कुमार, एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय, एडीएम सिटी ओपी वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन