करोड़ों की ठगी का मामला: अमर ज्योति कंपनी पर कसेगा शिकंजा, बदायूं में 20 और निवेशकों ने दी तहरीर
बदायूं और बरेली में निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने की आरोपी अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के खिलाफ 20 और निवेशकों ने तहरीर दी है। सभी ने मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है।
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कामग्रान के रहने वाले निवेशक असद अहमद ने रविवार को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने बदायूं के मीरा सराय स्थित अमर ज्योति कंपनी में 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक वर्ष तक रुपये जमा किए थे। 28 मई को अवधि पूरी होने पर कंपनी से करीब 73 हजार रुपये मिलने थे। दूसरे खाते में 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जमा किया था। 28 मई को वह अपना पेमेंट लेने कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो मैनेजर अमित सिंह ने टालमटोल कर दी।
निदेशक पर गाली गलौज करने का आरोप
निदेशक शशिकांत से भुगतान के लिए कहा तो उसने गाली-गलौज करते हुए कहा कि हमारी कंपनी में तुम्हारी कोई रकम जमा नहीं है। कंपनी में शशिकांत का भाई सूर्यकांत मौर्य भी हिस्सेदार है। सदर कोतवाली क्षेत्र के शहबाजपुर निवासी एजेंट सुनील बाबू ने असद के रुपये जमा कराए थे। आरोप है कि शशिकांत व सूर्यकांत ने फर्जी तरीके से कंपनी खोलकर रुपये जमा कराए हैं।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करके फर्जी आईडी बनाकर रुपये जमा कराए गए हैं। असद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने निदेशक शशिकांत व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित सिंह, सुनील बाबू व अन्य एजेंट व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रुपये दोगुना होने की उम्मीद में कराई थी 30 लाख की एफडी
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार निवासी रूपकिशोर ने बताया कि 20 साल से वह खेती-किसानी से रुपये बचाकर मोहल्ले के एजेंट आनंद के जरिये कंपनी में उसे जमा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 30 लाख रुपये कंपनी में जमा किए। उम्मीद थी बेटियों की शादी तक रकम दोगुनी हो जाएगी, पर अब तो मूलधन के ही लाले पड़ गए हैं।
मोहल्ला शिवपुरम के दौलतराम ने बताया कि वह आंबेडकर पार्क के पास पान-तंबाकू का खोखा चलाते हैं। बेटी की शादी के लिए मोहल्ले के ही एजेंट विजय के कहने पर आठ लाख रुपये की एफडी कराई थी। अक्तूबर में उनको 16 लाख रुपये कंपनी से लेने हैं। इसी को देखते हुए बेटी की शादी तय कर दी। नवंबर में बरात आनी है। अब कंपनी के भागने से पूरा परिवार सदमे में हैं।
इन्होंने दी तहरीर
मनोज कुमार, सचिन शर्मा, नेहा, सुनीता सिंह, अंकित कुमार, अनिल कुमार, भूप सिंह, प्रशांत सक्सेना, जोगेंद्र कुमार, कृष्ण गोपाल शंखधार, दौलतराम, रूपकिशोर, फरमान, शाहिद हुसैन, विजय कुमार, सुनील कुमार, आमिर।
100 से अधिक एजेंट, कई ने बंद किए फोन
एजेंटों को यह लालच था कि वह जितने अधिक लोगों से निवेश कराएंगे, उनका उतना ही अधिक कमीशन होगा। इस वजह से एजेंटों ने अपने नजदीकियों, रिश्तेदारों, दोस्तों से रुपये जमा कराए। अब कंपनी भागी तो कई एजेंट लापता हो गए हैं। कुछ रुपये दिलाने का भरोसा भी दे रहे हैं। कई ने अपने मोबाइल फोन ही बंद कर लिए हैं। जिले में 100 से अधिक एजेंट कंपनी के लिए काम करते थे। कंपनी में जिलेभर के 20 हजार से ज्यादा लोगों का करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं।
ईओडब्ल्यू को दी जाएगी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की तैयारी है। हालांकि, जब तक सभी पीड़ितों की बात पुलिस तक नहीं पहुंच पाती, तब तक एसआईटी ही जांच करेगी।