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‘यहां तो सपा का मतलब धर्मेंद्र यादव लिमिटेड कंपनी’
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बदायूं। चंद रोज पहले सपा को मजबूत करने वाले पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा ने कांग्रेस का दामन थामते ही बदायूं से सपा सांसद पर राजनीतिक हमला बोल दिया। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां तो सपा का मतलब धर्मेंद्र यादव लिमिटेड कंपनी है। आरोप लगाया कि बदायूं लोकसभा में वोटों की खरीद फरोख्त हो रही है, जिसके विरोध में कांग्रेस सड़क पर आंदोलन करेगी।
आबिद और धर्मेंद्र में ठनी तो बहुत दिन से थी। लेकिन सपा से पूरी तरह से अलग न होने के चलते खुलकर बोल नहीं पा रहे थे। दो दिन पहले कांग्रेस का पंजा पकड़ते ही भड़ास निकालनी शुरू कर दी। गुरुवार को उन्होंने बताया कि पौने तीन साल से वह जिन जनहित से जुड़े मुद्दों को उठा रहे थे, उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। उनकी कोई बात नहीं सुनी जा रही थी। घुटन भरी जिंदगी जी रहे थे, इसलिए पार्टी छोड़ दी। कहा कि बदायूं को पिछले पांच सालों में ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह लूटा गया। अब भी खरीद फरोख्त करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है। जो सरकार कभी नहीं आने वाली उसके नाम पर डराया जा रहा है। बदायूं में ओवरब्रिज, फोरलेन आदि राज्य सरकार की उपलब्धि थीं, जिन्हें सांसद ने अपनी उपलब्धि बताकर क्रेडिट लेने का प्रयास किया। बोले- वह चुनाव तो लोकसभा का लड़ते हैं, लेकिन उपलब्धि राज्य सरकार की बताते हैं। आजम से रिश्ते के सवाल पर कहा कि पार्टियां अलग हो सकती हैं, लेकिन रिश्ते खत्म नहीं होते। कहा-धर्मेंद्र यादव के बहनोई ने भाजपा ज्वाइन की तो उन्होंने एक फर्जी लेटर जारी करके उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। मुलायम सिंह ने भी संसद में मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था तो सांसद उनसे अपना रिश्ता कब खत्म कर रहे हैं, मुझे इस लेटर का इंतजार रहेगा।
इन आरोपों पर सांसद धर्मेंद्र यादव का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नॉट रिचेबल बताता रहा। उनके मीडिया प्रभारी प्रभात अग्रवाल ने बताया कि वह चुनाव प्रचार में हैं।
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आबिद और धर्मेंद्र में ठनी तो बहुत दिन से थी। लेकिन सपा से पूरी तरह से अलग न होने के चलते खुलकर बोल नहीं पा रहे थे। दो दिन पहले कांग्रेस का पंजा पकड़ते ही भड़ास निकालनी शुरू कर दी। गुरुवार को उन्होंने बताया कि पौने तीन साल से वह जिन जनहित से जुड़े मुद्दों को उठा रहे थे, उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। उनकी कोई बात नहीं सुनी जा रही थी। घुटन भरी जिंदगी जी रहे थे, इसलिए पार्टी छोड़ दी। कहा कि बदायूं को पिछले पांच सालों में ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह लूटा गया। अब भी खरीद फरोख्त करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है। जो सरकार कभी नहीं आने वाली उसके नाम पर डराया जा रहा है। बदायूं में ओवरब्रिज, फोरलेन आदि राज्य सरकार की उपलब्धि थीं, जिन्हें सांसद ने अपनी उपलब्धि बताकर क्रेडिट लेने का प्रयास किया। बोले- वह चुनाव तो लोकसभा का लड़ते हैं, लेकिन उपलब्धि राज्य सरकार की बताते हैं। आजम से रिश्ते के सवाल पर कहा कि पार्टियां अलग हो सकती हैं, लेकिन रिश्ते खत्म नहीं होते। कहा-धर्मेंद्र यादव के बहनोई ने भाजपा ज्वाइन की तो उन्होंने एक फर्जी लेटर जारी करके उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। मुलायम सिंह ने भी संसद में मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था तो सांसद उनसे अपना रिश्ता कब खत्म कर रहे हैं, मुझे इस लेटर का इंतजार रहेगा।
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इन आरोपों पर सांसद धर्मेंद्र यादव का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नॉट रिचेबल बताता रहा। उनके मीडिया प्रभारी प्रभात अग्रवाल ने बताया कि वह चुनाव प्रचार में हैं।
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