{"_id":"5c65c9e3bdec2227203742e0","slug":"191550174691-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी के बाद काला धन खपाने का मामला- चौंकी सीबीआई.. करोड़ों का कैश जमा पर बाउचरों पर साइन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी के बाद काला धन खपाने का मामला- चौंकी सीबीआई.. करोड़ों का कैश जमा पर बाउचरों पर साइन नहीं
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद काला धन खपाने का मामला- चौंकी सीबीआई.. करोड़ों का कैश जमा पर बाउचरों पर साइन नहीं
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। नोटबंदी के बाद भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में बड़े कारोबारियों और नेताओं का काला धन खपाने के मामले में सीबीआई ने बृहस्पतिवार को भी कई बैंक कर्मचारियों को अपने रडार पर रखा। सूत्रों के मुताबिक रिकार्ड चेक किए गए तो सीबीआई यह देखकर दंग रह गई है कि जिन बाउचरों के जरिये बैंक में पुराने नोट जमा किए गए, उनमें से तमाम पर जमाकर्ताओं के दस्तखत ही नहीं हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं बाउचरों के जरिये काला धन ठिकाने लगाया गया। इसी कारण सीबीआई इस बिंदू पर खास तौर पर फोकस कर रही है।
नोटबंदी के बाद कचहरी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में रसूखदार लोगों का करोड़ों का काला धन कमीशन के चक्कर में गुपचुप बदले जाने की शिकायत पर सीबीआई जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में ही सीबीआई को कई सबूत मिले थे जिसके बाद वह इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कर चुकी है। बुधवार सुबह यहां पहुंचे सीबीआई लखनऊ के अफसर ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी मुख्य शाखा में डेरा डाले रखा। सुबह से ही कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की परेड शुरू हुई तो घंटों यह सिलसिला जारी रहा। सूत्रों से पता चला कि सीबीआई जांच में सामने आया कि नोटबंदी के बाद बैंक में बड़े पैमाने पर नोटों की ऐसी जमा भी हुई जिनके बाउचरों पर रकम जमा करने वालों के हस्ताक्षर ही नहीं है। इसके बाद सीबीआई बैंक के बाबुओं से खास तौर पर यह पूछताछ कर रही है कि नोट जमा करने के दौरान बाउचरों पर ग्राहकों के हस्ताक्षर क्यों नहीं देखे गए।
बताया जाता है कि कर्मचारियों की ओर से इस पर फिलहाल यही तर्क दिया गया है कि नोटबंदी के दौरान काउंटरों पर काफी पब्लिक थी। भीड़ के दबाव में वह इस बात पर गौर नहीं कर पाए कि बाउचरों पर ग्राहकों ने साइन किए हैं या नहीं। हालांकि सीबीआई इन तर्कों पर संतुष्ट नहीं है। रिकार्ड देखने और बाबुओं से पूछताछ का सिलसिला बृहस्पतिवार को दिनभर चलता रहा।
विज्ञापन
कई रिटायर बैंककर्मी भी बुलाए
नोटबंदी के दौरान एसबीआई की मुख्य शाखा में कार्यरत रहे कई कर्मचारी अब रिटायर हो चुके हैं। सीबीआई जांच के दौरान बृहस्पतिवार को कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को घरों से बुलाकर रिकार्ड चेक करने के साथ ही उनके बयान लिए गए। सूत्र बताते हैं कि दो दिन के दौरान बैंकों के करीब 20 अफसर और कर्मचारियों से पूछताछ हुई है। इसमें करीब चार कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। इसमें दूसरी शाखाओं में कार्यरत कर्मचारी भी हैं।
सीबीआई की दहशत
कालाधन को ठिकाने लगाने के मामले में गर्दन फंसती देख बैंक के कई अफसर और कर्मचारी बचाव में जुटे हैं। सीबीआई की पूछताछ में मजबूती के साथ पक्ष रखने के लिए एक-दूसरे से राय मशविरा लिया जा रहा है। ब्रहस्पतिवार को एसबीआई मेन ब्रांच में पूछताछ के लिए बुलाए गए कर्मचारी कांपते हुए दिखाई दिए।
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद कचहरी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में रसूखदार लोगों का करोड़ों का काला धन कमीशन के चक्कर में गुपचुप बदले जाने की शिकायत पर सीबीआई जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में ही सीबीआई को कई सबूत मिले थे जिसके बाद वह इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कर चुकी है। बुधवार सुबह यहां पहुंचे सीबीआई लखनऊ के अफसर ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी मुख्य शाखा में डेरा डाले रखा। सुबह से ही कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की परेड शुरू हुई तो घंटों यह सिलसिला जारी रहा। सूत्रों से पता चला कि सीबीआई जांच में सामने आया कि नोटबंदी के बाद बैंक में बड़े पैमाने पर नोटों की ऐसी जमा भी हुई जिनके बाउचरों पर रकम जमा करने वालों के हस्ताक्षर ही नहीं है। इसके बाद सीबीआई बैंक के बाबुओं से खास तौर पर यह पूछताछ कर रही है कि नोट जमा करने के दौरान बाउचरों पर ग्राहकों के हस्ताक्षर क्यों नहीं देखे गए।
विज्ञापन
बताया जाता है कि कर्मचारियों की ओर से इस पर फिलहाल यही तर्क दिया गया है कि नोटबंदी के दौरान काउंटरों पर काफी पब्लिक थी। भीड़ के दबाव में वह इस बात पर गौर नहीं कर पाए कि बाउचरों पर ग्राहकों ने साइन किए हैं या नहीं। हालांकि सीबीआई इन तर्कों पर संतुष्ट नहीं है। रिकार्ड देखने और बाबुओं से पूछताछ का सिलसिला बृहस्पतिवार को दिनभर चलता रहा।
विज्ञापन
कई रिटायर बैंककर्मी भी बुलाए
नोटबंदी के दौरान एसबीआई की मुख्य शाखा में कार्यरत रहे कई कर्मचारी अब रिटायर हो चुके हैं। सीबीआई जांच के दौरान बृहस्पतिवार को कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को घरों से बुलाकर रिकार्ड चेक करने के साथ ही उनके बयान लिए गए। सूत्र बताते हैं कि दो दिन के दौरान बैंकों के करीब 20 अफसर और कर्मचारियों से पूछताछ हुई है। इसमें करीब चार कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। इसमें दूसरी शाखाओं में कार्यरत कर्मचारी भी हैं।
सीबीआई की दहशत
कालाधन को ठिकाने लगाने के मामले में गर्दन फंसती देख बैंक के कई अफसर और कर्मचारी बचाव में जुटे हैं। सीबीआई की पूछताछ में मजबूती के साथ पक्ष रखने के लिए एक-दूसरे से राय मशविरा लिया जा रहा है। ब्रहस्पतिवार को एसबीआई मेन ब्रांच में पूछताछ के लिए बुलाए गए कर्मचारी कांपते हुए दिखाई दिए।