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24 घंटे आपात सेवाओं का दावा करने वाले अस्पतालों के इंकार

Sun, 30 Dec 2018 01:49 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:49 AM IST
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24 घंटे आपात सेवाओं का दावा करने वाले अस्पतालों के इंकार
बरेली। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी घायल को अस्पताल में फौरन भर्ती कर उसका इलाज किया जाए, लेकिन शनिवार को गोली लगने के बाद लहूलुहान भुवनेश को शहर के दो प्रमुख अस्पतालों से बगैर इलाज किए लौटा दिया गया। इमरजेंसी केसेज में 24 घंटे सेवाएं देने और ट्रॉमा सेंटर होने का दावा करने वाले इन अस्पतालों ने बहाना तो यह बनाया कि उनके यहां डॉक्टर नहीं है, लेकिन दरअसल वजह यह थी कि पुलिस केस के डर से उन्होंने भुवनेश के इलाज से हाथ खींच लिए। अत्यधिक खून बहने से मौत का शिकार बने भुवनेश को अगर समय रहते अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता तो शायद उसकी जान भी बच जाती।
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हाईवे पर खुले खुले कई बड़े अस्पतालों में एक्सीडेंटल और इमरजेंसी केसों में विशेषज्ञता होने का दावा किया जाता है। पूरे शहर में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहने के उनके दावे भी शहर की दीवारों पर जगह-जगह लिखे हुए हैं, लेकिन इन अस्पतालों का अमानवीय रवैया शनिवार को सामने आया। गणेशपुरम में भुवनेश को गोली लगने के बाद उन्हें घायल हालत में लेकर अस्पताल-अस्पताल घूमने वाले अमित के मुताबिक वह सबसे पहले पीलीभीत हाईवे पर एक बड़े अस्पताल में पहुंचे जो ट्रॉमा सेंटर होने का दावा करता है, लेकिन वहा ंसे यह कहकर लौटा दिया गया कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं। कुछ ही दूरी पर एक और अस्पताल से भी भुवनेश को हायर सेंटर ले जाने की बात कहते हुए भर्ती नहीं किया गया। अमित के मुताबिक इसके बाद वह घायल भुवनेश को बाइक पर लेकर रामपुर बाग के शहर में दबदबा रखने वाले डॉक्टर के अस्पताल में पहुंचा, लेकिन वहां भी पुलिस केस और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का हवाला देकर उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया। आखिर में अमित मिशन अस्पताल पहुंचे, तब तक करीब घंटा भर समय बर्बाद हो चुका था। वहां डॉक्टरों ने भुवनेश को मृत घोषित कर दिया। भुवनेश की मौत के बाद चर्चा रही कि अगर सही समय पर इलाज मिलता तो एक जान बच सकती थी। अमित ने बताया कि बाइक पर पीछे बैठे भुवनेश आखिर तक उनसे कहते रहे, मुझे बचा लो भाई.. मरना नहीं चाहता
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इस मामले में पूरे तथ्य मुझे नहीं पता है। प्राइवेट अस्पतालों की इमरजेंसी में डॉक्टर होने चाहिए। अगर मृतक का परिवार इस बारे में कोई शिकायत करता है तो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
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