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अपना हिस्सा पड़ते ही काम न रोकने की सिफारिश कर दी
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बरेली। त्रिशूल एयरबेस के पास बनी अवैध कॉलोनी साइबर सिटी की तरह सौ फुटा रोड पर भी एक बड़ी अवैध कॉलोनी बन गई है। दिलचस्प यह है कि पीलीभीत बाईपास पर रहने वाले एक तथाकथित भाजपा नेता के भाई ने कुछ अन्य कॉलोनाइजरों की पार्टनरशिप में डेढ़ साल पहले जब इस अवैध कॉलोनी का निर्माण शुरू किया, तब वहीं रहने वाले एक बड़े ‘नेताजी’ ने बीडीए पर दवाब बनाकर उसका निर्माण रुकवा दिया था। इसके बाद कॉलोनाइजरों और नेताजी के बीच सौदेबाजी हुई। नेताजी की डिमांड के मुताबिक कॉलोनाइजनों ने उनका हिस्सा भी तय कर पार्टनर बना लिया। अब ‘नेताजी’ के ही संरक्षण में बीडीए से बिना एप्रूवल कराए 500 से ज्यादा घर यहां बनाए जा चुके हैं। निर्माण अभी भी लगातार चल रहा है।
पीलीभीत बाईपास की महानगर कॉलोनी में रहने वाला एक कॉलोनाइजर लंबे समय से रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग एक्ट अधिनियम (रेरा) में बगैर पंजीकरण कराए शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध तरीके से जमीन खरीदकर बीडीए से लेआउट स्वीकृत कराए बगैर कॉलोनियां बसा रहा है। इस काम में एक सपा नेता समेत तीन पार्टनर भी हैं, जिन्होंने सौ फुटा रोड पर ही ऑफिस बना रखा है। खास यह है कि इस रोड पर अधिकांश नाजायज कॉलोनियां इसी ग्रुप की बसाई हुई हैं। यह ग्रुप सस्ती जमीनों का इकरारनामा कराकर बीडीए से बिना नक्शा मंजूर कराए उस पर 80 से 125 वर्ग गज तक के अलग-अलग सिंगल या डबल स्टोरी मकान बनाकर उन्हें 33 से 45 लाख तक में बेच देता है। सौ फुटा रोड पर यह ग्रुप अब राजीव एन्क्लेव नाम की नई अवैध कॉलोनी बना रहा है जिसमें कुछ मकान बीडीए के जेई और एई ने कई महीने पहले सील भी किए थे, लेकिन सील तोड़कर उनका निर्माण पूरा कर लिया गया। बीडीए की जानकारी में यह मामला आया लेकिन इस बार उसने खामोशी अख्त्यिार किए रखी। सूत्र बताते हैं कि इस कॉलोनी में बीडीए से मकान सील कराने की कार्रवाई इसी रोड पर रहने वाले एक ‘नेताजी’ ने कराई थी। मगर जब कॉलोनाइजरों ने ‘नेताजी’ को भी एक हिस्से का पार्टनर बना लिया तो उन्होंने उनकी मदद शुरू कर दी। इसीलिए बीडीए ने भी चुप्पी साध ली। अब इस अवैध कॉलोनी में 500 से अधिक मकान बन चुके हैं। निर्माण लगातार चल रहा है। बीडीए के जेई और एई भी इधर नहीं झांक रहे हैं।
अवैध कॉलोनी पर नगर निगम भी मेहरबान, 50 लाख की सड़क मंजूर की
नगर निगम भले ही शहर की खस्ताहाल सड़कों का निर्माण न करा पा रहा हो, लेकिन अवैध कॉलोनी को वैध बनाने के लिए उसने ‘नेताजी’ की सिफारिश पर इस कॉलोनी में 50 लाख की लागत से दो अलग-अलग सड़कों का निर्माण मंजूर कर दिया है। अब कॉलोनाइजर कॉलोनी में मकान या प्लाट खरीदने आने वाले ग्राहकों को यह बताकर मकान बेच रहे हैं कि नगर निगम से सड़क भी मंजूर हो चुकी है। कॉलोनी वैध है, बस बीडीए एप्रूव्ड नहीं है। बाद में आसानी से कंपाउंड करा लेंगे।
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अवैध कॉलोनी की जांच के लिए सोमवार को सचिव के नेतृत्व में बीडीए की टीम जांच करने जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अवैध कॉलोनी पर प्राधिकरण के नियमानुसार कार्रवाई होगी। कॉलोनाइजरों पर एफआईआर कराई जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए
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पीलीभीत बाईपास की महानगर कॉलोनी में रहने वाला एक कॉलोनाइजर लंबे समय से रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग एक्ट अधिनियम (रेरा) में बगैर पंजीकरण कराए शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध तरीके से जमीन खरीदकर बीडीए से लेआउट स्वीकृत कराए बगैर कॉलोनियां बसा रहा है। इस काम में एक सपा नेता समेत तीन पार्टनर भी हैं, जिन्होंने सौ फुटा रोड पर ही ऑफिस बना रखा है। खास यह है कि इस रोड पर अधिकांश नाजायज कॉलोनियां इसी ग्रुप की बसाई हुई हैं। यह ग्रुप सस्ती जमीनों का इकरारनामा कराकर बीडीए से बिना नक्शा मंजूर कराए उस पर 80 से 125 वर्ग गज तक के अलग-अलग सिंगल या डबल स्टोरी मकान बनाकर उन्हें 33 से 45 लाख तक में बेच देता है। सौ फुटा रोड पर यह ग्रुप अब राजीव एन्क्लेव नाम की नई अवैध कॉलोनी बना रहा है जिसमें कुछ मकान बीडीए के जेई और एई ने कई महीने पहले सील भी किए थे, लेकिन सील तोड़कर उनका निर्माण पूरा कर लिया गया। बीडीए की जानकारी में यह मामला आया लेकिन इस बार उसने खामोशी अख्त्यिार किए रखी। सूत्र बताते हैं कि इस कॉलोनी में बीडीए से मकान सील कराने की कार्रवाई इसी रोड पर रहने वाले एक ‘नेताजी’ ने कराई थी। मगर जब कॉलोनाइजरों ने ‘नेताजी’ को भी एक हिस्से का पार्टनर बना लिया तो उन्होंने उनकी मदद शुरू कर दी। इसीलिए बीडीए ने भी चुप्पी साध ली। अब इस अवैध कॉलोनी में 500 से अधिक मकान बन चुके हैं। निर्माण लगातार चल रहा है। बीडीए के जेई और एई भी इधर नहीं झांक रहे हैं।
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अवैध कॉलोनी पर नगर निगम भी मेहरबान, 50 लाख की सड़क मंजूर की
नगर निगम भले ही शहर की खस्ताहाल सड़कों का निर्माण न करा पा रहा हो, लेकिन अवैध कॉलोनी को वैध बनाने के लिए उसने ‘नेताजी’ की सिफारिश पर इस कॉलोनी में 50 लाख की लागत से दो अलग-अलग सड़कों का निर्माण मंजूर कर दिया है। अब कॉलोनाइजर कॉलोनी में मकान या प्लाट खरीदने आने वाले ग्राहकों को यह बताकर मकान बेच रहे हैं कि नगर निगम से सड़क भी मंजूर हो चुकी है। कॉलोनी वैध है, बस बीडीए एप्रूव्ड नहीं है। बाद में आसानी से कंपाउंड करा लेंगे।
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अवैध कॉलोनी की जांच के लिए सोमवार को सचिव के नेतृत्व में बीडीए की टीम जांच करने जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अवैध कॉलोनी पर प्राधिकरण के नियमानुसार कार्रवाई होगी। कॉलोनाइजरों पर एफआईआर कराई जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए