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रामचरितमानस की सार्थकता बताई
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बरेली। त्रिवटीनाथ मंदिर में चल रही श्री रामचरितमानस कथा के नवें दिन मंगलवार को कथा व्यास पं. प्रभाकर त्रिपाठी ने रामचरितमानस की सार्थक ता बताई।
कहा, जो व्यक्ति मनसे श्री राम के चरित्र का पठन और उसके अनुसार कर्म करता है, उसे सद्गति की प्राप्ति होती है। बताया कि कि रावण के प्राण त्यागने से पहले लक्ष्मण ने धर्म और राजनीति का ज्ञान प्राप्त किया था। जिससे यह ज्ञान मिलता है कि सद्गुण जिसमें भी हाें, उससे ग्रहण करना चाहिए। आखिर में पाप से भरी लंका में भी विभीषण जैसा श्री राम का भक्त होने की कथा सुनाई। बाद में कथा का विश्राम हुआ। दस दौरान मंदिर कमेटी के प्रताप चंद्र सेठ, हरिओम अग्रवाल, संजीव औतार अग्रवाल और अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो
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कहा, जो व्यक्ति मनसे श्री राम के चरित्र का पठन और उसके अनुसार कर्म करता है, उसे सद्गति की प्राप्ति होती है। बताया कि कि रावण के प्राण त्यागने से पहले लक्ष्मण ने धर्म और राजनीति का ज्ञान प्राप्त किया था। जिससे यह ज्ञान मिलता है कि सद्गुण जिसमें भी हाें, उससे ग्रहण करना चाहिए। आखिर में पाप से भरी लंका में भी विभीषण जैसा श्री राम का भक्त होने की कथा सुनाई। बाद में कथा का विश्राम हुआ। दस दौरान मंदिर कमेटी के प्रताप चंद्र सेठ, हरिओम अग्रवाल, संजीव औतार अग्रवाल और अन्य मौजूद रहे। ब्यूरो