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अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह की आशंका से महिला कल्याण सतर्क
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बरेली। सात मई को अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए महिला कल्याण विभाग सतर्क हो गया है। इसके लिए आशा ज्योति केंद्र के साथ ही चाइल्ड हेल्प लाइन को सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और सभी एसडीएम को भी बाल विवाह रोकने के लिए निगरानी रखने संबंधित पत्र जारी किए हैं।
मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन उन जोड़ों की शादी का शुभ मुहूर्त होता है जो मांगलिक होते हैं या जिनकी शादी की तिथि नहीं तय हो पा रही होती। बताते हैं कि दिन को लेकर कुरीति यह भी है कि इस मौके पर लोग नाबालिग बच्चों का भी विवाह करा देते हैं। इस बार ऐसा न हो इसलिए अक्षय तृतीया आने से पहले ही महिला कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सतर्क है। बताते हैं कि महिला हेल्प लाइन और चाइल्ड हेल्प लाइन के पास पिछली बार भी बाल विवाह की कई सूचनाएं आई थीं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बाल विवाह रोकने के लिए बाल कल्याण समिति और सभी एसडीएम को भी आगाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ को खास तौर से निर्देश हैं कि अगर उनके पास ऐसी कोई सूचना आए तो वह तत्काल संबंधित थाने में इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते बाल विवाह को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि अगर किसी के पास नाबालिग के विवाह की सूचना हो तो वे महिला हेल्प लाइन नंबर-181, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर-1098 पर फोन कर सकते हैं।
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दो लाख अर्थदंड और साल भर की सजा का है प्रावधान
बाल विवाह का मामला अगर सामने आता है कि शादी कराने वाले माता-पिता पर दो लाख का जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान है। जिला प्रोबेशन विभाग के पास दो साल के दौरान बाल विवाह के चार मामलों की ही सूचना आई थी। अधिकारियों का कहना है कि इसमें समय रहते विवाह रोक दिए गए थे। वे यह भी स्वीकार करते हैं कि गुपचुप तरीके से होने वाले बाल विवाह की तमाम सूचनाएं महिला कल्याण विभाग के स्टाफ तक पहुंच ही नहीं पातीं।
फरीदपुर की एक लड़की ने खुद सूचना देकर रुकवाई थी शादी
बाल कल्याण समिति के पास मार्च में फरीदपुर की एक नाबालिग लड़की के अभिभावक जबरदस्ती उनकी शादी कराना चाहते थे। शादी के ऐन वक्त पहले लड़की ने खुद ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद लड़की के माता-पिता को सीडब्ल्यूसी के सदस्य डीएन शर्मा ने तलब कर लिया था। सुनवाई के बाद लड़की के अभिभावक को यह चेतावनी देकर छोड़ा गया था कि लड़की के 18 साल पूरा करने के बाद ही उसकी शादी कराएंगे।
परेशान करने के लिए भी लोग कर देते हैं झूूठी शिकायतें
कई मामलों में तो लोग दूसरों को परेशान करने के मकसद से भी नाबालिग विवाह की झूठी शिकायत कर देते हैं। हाल में भोजीपुरा से किसी ने शिकायत कर दी थी कि एक जगह पर नाबालिग लड़की का विवाह हो रहा है। बाद में महिला कल्याण विभाग के स्टाफ ने उसकी जांच की तो पता चला कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से ऊपर है।
अक्षय तृतीय के दिन बाल विवाह होने की संभावना होती है। इसलिए चाइल्ड लाइन, महिला सहायता नंबर, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को सतर्क करने के लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है।
- नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन उन जोड़ों की शादी का शुभ मुहूर्त होता है जो मांगलिक होते हैं या जिनकी शादी की तिथि नहीं तय हो पा रही होती। बताते हैं कि दिन को लेकर कुरीति यह भी है कि इस मौके पर लोग नाबालिग बच्चों का भी विवाह करा देते हैं। इस बार ऐसा न हो इसलिए अक्षय तृतीया आने से पहले ही महिला कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सतर्क है। बताते हैं कि महिला हेल्प लाइन और चाइल्ड हेल्प लाइन के पास पिछली बार भी बाल विवाह की कई सूचनाएं आई थीं।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बाल विवाह रोकने के लिए बाल कल्याण समिति और सभी एसडीएम को भी आगाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ को खास तौर से निर्देश हैं कि अगर उनके पास ऐसी कोई सूचना आए तो वह तत्काल संबंधित थाने में इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते बाल विवाह को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि अगर किसी के पास नाबालिग के विवाह की सूचना हो तो वे महिला हेल्प लाइन नंबर-181, चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर-1098 पर फोन कर सकते हैं।
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दो लाख अर्थदंड और साल भर की सजा का है प्रावधान
बाल विवाह का मामला अगर सामने आता है कि शादी कराने वाले माता-पिता पर दो लाख का जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान है। जिला प्रोबेशन विभाग के पास दो साल के दौरान बाल विवाह के चार मामलों की ही सूचना आई थी। अधिकारियों का कहना है कि इसमें समय रहते विवाह रोक दिए गए थे। वे यह भी स्वीकार करते हैं कि गुपचुप तरीके से होने वाले बाल विवाह की तमाम सूचनाएं महिला कल्याण विभाग के स्टाफ तक पहुंच ही नहीं पातीं।
फरीदपुर की एक लड़की ने खुद सूचना देकर रुकवाई थी शादी
बाल कल्याण समिति के पास मार्च में फरीदपुर की एक नाबालिग लड़की के अभिभावक जबरदस्ती उनकी शादी कराना चाहते थे। शादी के ऐन वक्त पहले लड़की ने खुद ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद लड़की के माता-पिता को सीडब्ल्यूसी के सदस्य डीएन शर्मा ने तलब कर लिया था। सुनवाई के बाद लड़की के अभिभावक को यह चेतावनी देकर छोड़ा गया था कि लड़की के 18 साल पूरा करने के बाद ही उसकी शादी कराएंगे।
परेशान करने के लिए भी लोग कर देते हैं झूूठी शिकायतें
कई मामलों में तो लोग दूसरों को परेशान करने के मकसद से भी नाबालिग विवाह की झूठी शिकायत कर देते हैं। हाल में भोजीपुरा से किसी ने शिकायत कर दी थी कि एक जगह पर नाबालिग लड़की का विवाह हो रहा है। बाद में महिला कल्याण विभाग के स्टाफ ने उसकी जांच की तो पता चला कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से ऊपर है।
अक्षय तृतीय के दिन बाल विवाह होने की संभावना होती है। इसलिए चाइल्ड लाइन, महिला सहायता नंबर, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को सतर्क करने के लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है।
- नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी