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रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बगैर रास्तों को बंद नहीं करेगी सेना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:45 PM IST
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एक ओर रास्तों को बंद करने का कैंट बोर्ड द्वारा नोटिफिकेशन जारी हुआ तो दूसरी ओर सेना ने दो घंटे के लिए बियाबानी कोठी का रास्ता बंद करने का आदेश दे दिया। जानकारी होने पर मंगलवार को कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों ने बंद रास्तों का निरीक्षण किया और सैन्य अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्राप्त आपत्ति, दावे और सुझाव पर बोर्ड बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय के आदेशानुसार एक्शन लेने का सुझाव दिया। सैन्य अफसरों ने अब सैन्य गतिविधियों के दौरान ही रास्तों को बंद करने की बात कही है।
सैटेलाइट से बियाबानी कोठी की ओर सैन्य क्षेत्र से गुजरने वाले रास्ते को दो घंटे तक बंद करने का आदेश हुआ था, जिसके बाबत सोमवार की शाम चार से छह बजे तक दो घंटे तक रास्ता बंद भी रहा। राहगीर आम दिनों की तरह पहुंचे तो गेट पर मौजूद जवानों ने लौटा दिया। मौजूद जवानों ने प्रतिदिन दो घंटे तक रास्ता बंद करने के आदेश की जानकारी दी। मामले पर ‘अमर उजाला’ ने रास्तों के बंद करने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। पार्षदों और कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने रास्ता बंद करने की जानकारी ली। साथ ही शाम चार बजे बियाबानी कोठी पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। कैंट बोर्ड के मुख्य अभियंता आरके माहेश्वरी ने बताया कि रास्तों को बंद करना है या खोलना। इसका निर्णय रक्षामंत्रालय ही करेगा।
यह रहेगी रास्तों को बंद करने की प्रक्रिया
सैन्य क्षेत्र से गुजरने वाले रास्तों को बंद करने के लिए मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी हुआ है, जिसके अनुसार 30 दिनों के अंदर शहरवासी रास्ता बंद अथवा खोले जाने पर लिखित आपत्ति, सुझाव कैंट बोर्ड कार्यालय में दे सकते हैं। जिस पर कैंट बोर्ड की विशेष बैठक में फैसला होगा। अगर रास्तों को बंद करनेे पर सहमति बनी तो प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय भेजेंगे। मंत्रालय की मुहर लगने पर ही रास्ते बंद किए जा सकेेंगे।
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सैन्य गतिविधियों के दौरान बंद रहेंगे रास्ते
नोटिफिकेशन के अनुसार रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बिना रास्ते बंद नहीं किए जा सकेंगे, लेकिन किसी सैन्य गतिविधि अथवा सैन्य सुरक्षा से जुड़ी अहम कार्रवाइयों के दौरान रास्ते बंद किए जा सकते हैं। बियाबानी कोठी का रास्ता, जिसे घोड़ा बटालियन के नाम से भी पुकारा जाता है, वहां घोड़ों को लाने-ले जाने अथवा ट्रेनिंग आदि गतिविधियों के दौरान बंद किया जा सकता है।
घोड़ों और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रास्ता बंद करने का आदेश था। अब विधि सम्मत कार्रवाई के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, सैन्य गतिविधियों की विशेष परिस्थितियों में रास्तों को बंद किया जा सकता है। सैन्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। - कर्नल पी. अमित, एडम कमांडेंट
रास्तों को बंद करने का आखिरी निर्णय रक्षा मंत्रालय करेगा जो सर्वमान्य होगा, लेकिन उससे पहले सेना रास्तों को बंद नहीं कर सकती। हमने स्थलीय निरीक्षण किया और सैन्य अफसरों से बात की है। विशेष परिस्थितियों के अलावा रास्तों को खोलने को कहा गया है। - आरके माहेश्वरी, कैंट बोर्ड
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सैटेलाइट से बियाबानी कोठी की ओर सैन्य क्षेत्र से गुजरने वाले रास्ते को दो घंटे तक बंद करने का आदेश हुआ था, जिसके बाबत सोमवार की शाम चार से छह बजे तक दो घंटे तक रास्ता बंद भी रहा। राहगीर आम दिनों की तरह पहुंचे तो गेट पर मौजूद जवानों ने लौटा दिया। मौजूद जवानों ने प्रतिदिन दो घंटे तक रास्ता बंद करने के आदेश की जानकारी दी। मामले पर ‘अमर उजाला’ ने रास्तों के बंद करने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। पार्षदों और कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने रास्ता बंद करने की जानकारी ली। साथ ही शाम चार बजे बियाबानी कोठी पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। कैंट बोर्ड के मुख्य अभियंता आरके माहेश्वरी ने बताया कि रास्तों को बंद करना है या खोलना। इसका निर्णय रक्षामंत्रालय ही करेगा।
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यह रहेगी रास्तों को बंद करने की प्रक्रिया
सैन्य क्षेत्र से गुजरने वाले रास्तों को बंद करने के लिए मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी हुआ है, जिसके अनुसार 30 दिनों के अंदर शहरवासी रास्ता बंद अथवा खोले जाने पर लिखित आपत्ति, सुझाव कैंट बोर्ड कार्यालय में दे सकते हैं। जिस पर कैंट बोर्ड की विशेष बैठक में फैसला होगा। अगर रास्तों को बंद करनेे पर सहमति बनी तो प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय भेजेंगे। मंत्रालय की मुहर लगने पर ही रास्ते बंद किए जा सकेेंगे।
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सैन्य गतिविधियों के दौरान बंद रहेंगे रास्ते
नोटिफिकेशन के अनुसार रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बिना रास्ते बंद नहीं किए जा सकेंगे, लेकिन किसी सैन्य गतिविधि अथवा सैन्य सुरक्षा से जुड़ी अहम कार्रवाइयों के दौरान रास्ते बंद किए जा सकते हैं। बियाबानी कोठी का रास्ता, जिसे घोड़ा बटालियन के नाम से भी पुकारा जाता है, वहां घोड़ों को लाने-ले जाने अथवा ट्रेनिंग आदि गतिविधियों के दौरान बंद किया जा सकता है।
घोड़ों और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रास्ता बंद करने का आदेश था। अब विधि सम्मत कार्रवाई के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, सैन्य गतिविधियों की विशेष परिस्थितियों में रास्तों को बंद किया जा सकता है। सैन्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। - कर्नल पी. अमित, एडम कमांडेंट
रास्तों को बंद करने का आखिरी निर्णय रक्षा मंत्रालय करेगा जो सर्वमान्य होगा, लेकिन उससे पहले सेना रास्तों को बंद नहीं कर सकती। हमने स्थलीय निरीक्षण किया और सैन्य अफसरों से बात की है। विशेष परिस्थितियों के अलावा रास्तों को खोलने को कहा गया है। - आरके माहेश्वरी, कैंट बोर्ड