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बैंकों से काम कराने के इंतजार में छह महीने से टूटा-अधूरा पड़ा हाईवे

Wed, 09 Jan 2019 01:39 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:39 AM IST
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बैंकों से काम कराने के इंतजार में छह महीने से टूटा-अधूरा पड़ा हाईवे
बरेली। सीतापुर-बरेली फोरलेन के काम इरा कंपनी के छोड़ने के बाद एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट में अरबों का लोन देने वाली बैंकों को अपने ठेकेदार से काम कराने की छूट दी थी। छह माह की यह समय सीमा 13 जनवरी को खत्म हो रही है लेकिन अब तक कांट्रेक्टर ही तय न हो पाने से यह काम अब तक नहीं शुरू हो सका है। ऐसे में यह रोड पूरा खराब पड़ा हुआ है। इससे जल्द शुरू होने की भी कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही। हाईवे के खस्ताहाल होने से हादसों से आए दिन मौतें हो रही है।
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सीतापुर-बरेली वाया शाहजहांपुर फोरलेन का काम नहीं शुरू हो पा रहा है। 11 जून को केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मीटिंग में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसरों ने कांट्रेक्ट कंपनी इरा इंफ्रास्ट्रक्चर को एक मौका दिलाते हुए कहा कि 15 जुलाई तक काम शुरू करने की मोहलत दी थी, लेकिन अब तक कंपनी अब तक अधूरे पड़े हाईवे का निर्माण शुरू नहीं कर सकी और बीच में ही सारा काम छोड़कर गायब हो गई। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट में करीब 1450 करोड़ का इरा कंपनी को कर्ज देने वाली बैंकों को खुद पूरा काम कराने की छूट दी थी। इसकी भरपाई बैंकों को टोल टैक्स से पूरी करनी थी। एनएचएआई ने इसके लिए बैंकों को छह महीने का वक्त दिया था। यह भी पूरा होने जा रहा है। जबकि हाईवे का काम जस का तस पड़ा हुआ है।
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तीन महीने तक और मिल सकती है छूट
बैंकों को अपने ठेकेदार से काम कराने की छह माह की छूट खत्म हो रही है लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें एक और मौका देते हुए तीन माह की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। दिक्कत यह है कि इस दौरान भी अगर बैंक काम कराने में नाकाम रही तो पब्लिक को काफी दिक्कत झेलनी पड़ेगी।
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खराब हाईवे और अधूरे ओवरब्रिज से लगता है जाम
शाहजहांपुर सहित कई जगहों पर हाईवे की हालत काफी खराब है। इसके अलावा सीतापुर-शाहजहांपुर और बरेली के बीच आबादी वाली जगहों पर ओवरब्रिज भी अधूरे पड़े हैं। ज्यादातर ब्रिज 50 फीसदी भी नहीं बने हैं। इन जगहों पर दिनभर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहता है। ऐसी भीषण गर्मी में रोडवेज की बसों पर यात्रा करने वाले लंबी दूरी के यात्रियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है। आग उगलती गर्मी में कई बार जाम में फंसी बसों में बैठे मुसाफिर खासकर महिला और बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं।

यह है प्रोजेक्ट
एनएचएआई ने वर्ष 2010 में बरेली-सीतापुर के बीच 157 किमी फोरलेन का काम शुरू कराया था। 2700 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था इरा इंफ्रास्ट्रक्चर को सौंपी गई। करार के तहत कंपनी को हाईवे के निर्माण के लिए खुद ही फंड का इंतजाम करना है। संस्था ने विभिन्न बैंकों से 1450 करोड़ का लोन ले लिया लेकिन उसे अदा नहीं किया। इससे फोरलेन का काम ठप पड़ा है।


बैंकों को अपने ठेकेदार से काम कराने का छह माह का मौका दिया गया था, लेकिन यह समय सीमा भी समाप्त हो रही है। हाईवे का निर्माण कब तक शुरू होगा, फिलहाल यह कहना मुमकिन नहीं है। -चंदन वत्स, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई
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