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फेंसेडिल की तलाश जारी, छह दुकानों पर फिर छापेमारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:21 AM IST
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फेंसेडिल कफ सीरप का ‘काला कारोबार’ करने वालों की तलाश में सोमवार को ड्रग विभाग की टीम ने फिर छापेमारी की। कुतुबखाना स्थित शास्त्री मार्केट में छह दवा विक्रताओं के यहां फेंसेडिल एवं नारकोटिक्स से संबंधित दवाओं से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाला गया। विक्रेताओं के पास नारकोटिक्स संबंधी कोई दवा नहीं मिली लेकिन फेंसेडिल की हजारों शीशियों की खरीद बिक्री का रिकॉर्ड मिला। ड्रग विभाग की टीम ने खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड न दे पाने वाले विक्रेताओं को नोटिस दिया है।
शहर में फेंसेडिल दवाओं का थोक कारोबार करने वाले 11 व्यवसायियों के नाम सामने आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा, नवनीत कुमार, देशबंधु विमल और बबिता की टीम सोमवार को एक बार फिर शास्त्री मार्केट पहुंची। सबसे पहले गुप्ता एंड ब्रदर्स के यहां जनवरी से जून तक 15 हजार फेंसेडिल की शीशियों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड चेक किया गया। शिवा मेडिको पर भी 15 हजार फेंसेडिल की शीशियों की खरीद-बिक्री रिकॉर्ड देखा गया। जय मेडिको पर पांच हजार, जगोता एंड संस पर 1.10 लाख और बिन्नी मेडिकोज पर 50 हजार फेंसेडिल शीशियों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड चेक किया गया। बिन्नी मेडिको ने खरीद का पूरा रिकॉर्ड दिखाया लेकिन बिक्री का आधा-अधूरा ही रिकॉर्ड दिखाया। इस पर उन्हें नोटिस जारी कर जल्द रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। पांडेय मेडिकल पर टीम को फेंसेडिल का कोई स्टॉक या रिकॉर्ड नहीं मिला। विजय ट्रांसपोर्टर ने जिन 11 व्यवसायियों के नाम बताए थे, उनके यहां छापामारी हो चुकी है।
रिकॉर्ड नहीं हो रहा क्रॉस चेक
ड्रग विभाग की टीम व्यवसायियों के यहां छापेमारी कर रिकॉर्ड चेक कर रही है। खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड दुकानदार दुरुस्त भी बता रहे हैं, लेकिन उसकी क्रॉस चेकिंग नहीं की जा रही है। इससे ड्रग विभाग की कार्रवाई पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए व्यवसायी ‘खेल’ कर रहे हैं।
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ऊंची पहुंच भी है फेंसेडिल कारोबारियों की
फेंसेडिल का काला कारोबार करने वालों की ऊंची पहुंच भी है। विधानसभा चुनाव के दौरान बरेली में तैनात एक अधिकारी ने फेंसेडिल की बड़ी खेप पकड़ी थी। गुपचुप चल रही तफ्तीश मेें वह काले कारोबारियों के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन इसी दरम्यान कारोबारियों ने उनकी वजह से चुनाव प्रभावित होने का आरोप लगाकर उनका ट्रांसफर करा दिया था।
जिन व्यवसायियों ने खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखाया है, उन्हें रिकॉर्ड दिखाने के लिए कहा गया है। यदि वह रिकॉर्ड नहीं दिखा पाएंगे तो नियमानुसार उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - उर्मिला वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर
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शहर में फेंसेडिल दवाओं का थोक कारोबार करने वाले 11 व्यवसायियों के नाम सामने आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा, नवनीत कुमार, देशबंधु विमल और बबिता की टीम सोमवार को एक बार फिर शास्त्री मार्केट पहुंची। सबसे पहले गुप्ता एंड ब्रदर्स के यहां जनवरी से जून तक 15 हजार फेंसेडिल की शीशियों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड चेक किया गया। शिवा मेडिको पर भी 15 हजार फेंसेडिल की शीशियों की खरीद-बिक्री रिकॉर्ड देखा गया। जय मेडिको पर पांच हजार, जगोता एंड संस पर 1.10 लाख और बिन्नी मेडिकोज पर 50 हजार फेंसेडिल शीशियों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड चेक किया गया। बिन्नी मेडिको ने खरीद का पूरा रिकॉर्ड दिखाया लेकिन बिक्री का आधा-अधूरा ही रिकॉर्ड दिखाया। इस पर उन्हें नोटिस जारी कर जल्द रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। पांडेय मेडिकल पर टीम को फेंसेडिल का कोई स्टॉक या रिकॉर्ड नहीं मिला। विजय ट्रांसपोर्टर ने जिन 11 व्यवसायियों के नाम बताए थे, उनके यहां छापामारी हो चुकी है।
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रिकॉर्ड नहीं हो रहा क्रॉस चेक
ड्रग विभाग की टीम व्यवसायियों के यहां छापेमारी कर रिकॉर्ड चेक कर रही है। खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड दुकानदार दुरुस्त भी बता रहे हैं, लेकिन उसकी क्रॉस चेकिंग नहीं की जा रही है। इससे ड्रग विभाग की कार्रवाई पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए व्यवसायी ‘खेल’ कर रहे हैं।
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ऊंची पहुंच भी है फेंसेडिल कारोबारियों की
फेंसेडिल का काला कारोबार करने वालों की ऊंची पहुंच भी है। विधानसभा चुनाव के दौरान बरेली में तैनात एक अधिकारी ने फेंसेडिल की बड़ी खेप पकड़ी थी। गुपचुप चल रही तफ्तीश मेें वह काले कारोबारियों के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन इसी दरम्यान कारोबारियों ने उनकी वजह से चुनाव प्रभावित होने का आरोप लगाकर उनका ट्रांसफर करा दिया था।
जिन व्यवसायियों ने खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखाया है, उन्हें रिकॉर्ड दिखाने के लिए कहा गया है। यदि वह रिकॉर्ड नहीं दिखा पाएंगे तो नियमानुसार उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - उर्मिला वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर