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हीमोफीलिया के मरीजों के लिए वार्ड अलग बनेगा
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बरेली। हीमोफीलिया के मरीजों की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में उनके लिए एक अलग से वार्ड बनाया जाएगा। अस्पताल में कोई निश्चित वार्ड नहीं होने पर मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ता था। परेशान मरीज अक्सर शिकायतें लेकर अधिकारियों के पास पहुंचते थे। मंडल अस्पताल होने की वजह से बरेली समेत शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के मरीज भी यहीं आते हैं। यह वार्ड करीब तीन लाख रुपये लागत से बनाया जाएगा।
जिला अस्पताल में हीमोफीलिया का उपचार कराने पहुंचे मरीजों को अस्पताल में उनके लिए कोई निर्धारित जगह न होने के चलते भटकना पड़ता है। अक्सर मरीज यहां गंभीर हालत में ही पहुंचते हैं। हीमोफीलिया के मरीज यहां ओपीडी में पहुंचते हैं, यहां से उन्हें इमर्जेंसी वार्ड में भेजा जाता है। वार्ड में ईएमओ द्वारा भर्ती किए जाने के बाद मरीज अस्पताल के पेइंग वार्ड में पहुंचता है। यहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया जाता है। इसके बाद मरीज का तीमारदार को वार्ड से दूर दूसरे कार्यालय में फैक्टर लेने जाना होता है। इसी बीच कई मरीजों की हालत गंभीर हो जाने पर परेशानी होती है।
हीमोफीलिया के मरीज अक्सर किसी घाव में से रक्त रिसाव या जोड़ों में तीव्र दर्द की शिकायत लेकर आते हैं। इन सब परेशानियों को दूर करने के लिए आईसोलेशन वार्ड की तरह ही मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। जहां दवाओं से लेकर फैक्ट तक सब वहीं उपलब्ध कराए जाएंगे।
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जिला अस्पताल में हीमोफीलिया का उपचार कराने पहुंचे मरीजों को अस्पताल में उनके लिए कोई निर्धारित जगह न होने के चलते भटकना पड़ता है। अक्सर मरीज यहां गंभीर हालत में ही पहुंचते हैं। हीमोफीलिया के मरीज यहां ओपीडी में पहुंचते हैं, यहां से उन्हें इमर्जेंसी वार्ड में भेजा जाता है। वार्ड में ईएमओ द्वारा भर्ती किए जाने के बाद मरीज अस्पताल के पेइंग वार्ड में पहुंचता है। यहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया जाता है। इसके बाद मरीज का तीमारदार को वार्ड से दूर दूसरे कार्यालय में फैक्टर लेने जाना होता है। इसी बीच कई मरीजों की हालत गंभीर हो जाने पर परेशानी होती है।
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हीमोफीलिया के मरीज अक्सर किसी घाव में से रक्त रिसाव या जोड़ों में तीव्र दर्द की शिकायत लेकर आते हैं। इन सब परेशानियों को दूर करने के लिए आईसोलेशन वार्ड की तरह ही मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। जहां दवाओं से लेकर फैक्ट तक सब वहीं उपलब्ध कराए जाएंगे।
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