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क्वालिटी रिसर्च के लिए शोधार्थियों की मदद करेगी आईआईसी
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:46 PM IST
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उच्च शिक्षण संस्थानों में क्वालिटी रिसर्च और नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) शुरू करने जा रहा है। इससे देश भर के रिसर्च स्कॉलर को फायदा मिलेगा। इसकी मदद से शिक्षण संस्थानों में एक इनोवेशन इको-सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को इस बाबत पत्र भेजा है। 20 नवंबर तक पंजीकरण कराने को कहा है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय भी इसका प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।
उच्च शिक्षण में क्वालिटी रिसर्च और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की पहल तो हुई, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पा रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ही बात करें तो यहां रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला तो बनाई गई, लेकिन चार साल में उसे शुरू नहीं किया जा सका। इसके अलावा बजट प्रस्तावित होने के बावजूद स्टार्ट सेल शुरू नहीं हो सकी। देखा जाए तो लंबे अरसे से रुहेलखंड विश्वविद्यालय रिसर्च में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं कर सका। रुहेलखंड विश्वविद्यालय जैसे कई शिक्षण संस्थान हैं जहां रिसर्च को बढ़ावा न मिलने के कारण क्वालिटी रिसर्च नहीं हो पाती। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने आईआईसी बनाया है जो उच्च शिक्षण संस्थानों में सिर्फ रिसर्च को बढ़ावा देने पर काम करेगा। रिसर्च स्कॉलर इस परिषद से सीधे मदद ले सकेंगे। एमएचआरडी इनोवेशन सेल भी इससे जुड़ेगी। देश के 800 से ज्यादा शिक्षण संस्थान इससे जुड़ चुके हैं। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल का कहना है कि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में रिसर्च को बढ़ावा मिले इसके लिए यूजीसी की हर पहल से विश्वविद्यालय को जोड़ा जाएगा।
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उच्च शिक्षण में क्वालिटी रिसर्च और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की पहल तो हुई, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पा रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ही बात करें तो यहां रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला तो बनाई गई, लेकिन चार साल में उसे शुरू नहीं किया जा सका। इसके अलावा बजट प्रस्तावित होने के बावजूद स्टार्ट सेल शुरू नहीं हो सकी। देखा जाए तो लंबे अरसे से रुहेलखंड विश्वविद्यालय रिसर्च में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं कर सका। रुहेलखंड विश्वविद्यालय जैसे कई शिक्षण संस्थान हैं जहां रिसर्च को बढ़ावा न मिलने के कारण क्वालिटी रिसर्च नहीं हो पाती। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने आईआईसी बनाया है जो उच्च शिक्षण संस्थानों में सिर्फ रिसर्च को बढ़ावा देने पर काम करेगा। रिसर्च स्कॉलर इस परिषद से सीधे मदद ले सकेंगे। एमएचआरडी इनोवेशन सेल भी इससे जुड़ेगी। देश के 800 से ज्यादा शिक्षण संस्थान इससे जुड़ चुके हैं। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल का कहना है कि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में रिसर्च को बढ़ावा मिले इसके लिए यूजीसी की हर पहल से विश्वविद्यालय को जोड़ा जाएगा।
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