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जंगल में छोड़े जाएंगे लोगों को काटने वाले घोड़े
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:13 AM IST
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बरेली। लोगों पर हमला कर उन्हें काटने वाले घोड़े अब जंगल में छोड़े जाएंगे। एक शिकायत पर आवारा घोड़ों को पकड़ने के लिए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने पशु विभाग को पत्र लिखा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि पशु विभाग में पशुओं के इलाज की सुविधा है। मगर आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए उचित संसाधन नहीं हैं। इसके लिए नगर निगम से मदद मांगी गई है।
कमिश्नर ने पशु विभाग को शनिवार को पत्र लिखा था। कमिश्नर का आदेश मिलते ही पशु विभाग अलर्ट हो गया। शनिवार को ही नगर निगम को पत्र लिखते हुए घोड़े पकड़ने को कहा। ताकि, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बता दें कि शहर में घोड़ों का आतंक बना हुआ है। पुराना जेल रोड, सर्किट हाउस और सिविल लाइंस में घोड़े लोगों पर हमला कर चुके हैं। रविवार को भी जिला अस्पताल के स्टाफ को एक घोड़े ने काट लिया था, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया। नेकपुर गल्ला मंडी निवासी 50 वर्षीय बृज बिहारी जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में तैनात हैं। रविवार को बृज बिहारी अयूब खां चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरा रहे थे। तभी वहां पर मौजूद घोड़े ने हमला कर दिया और दाहिने हाथ में कोहनी के पास काट लिया। सर्किट हाउस के पास पार्षद सतीश कातिब को भी घोड़े ने शनिवार को काट लिया था। पुराना जेल रोड पर तो एक माह के अंदर लगभग एक दर्जन लोगों को घोड़े काट चुके हैं।
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नर पशुओं में टेस्टोस्टीरोन हार्मोन पाया जाता है, जो ब्रीडिंग के वक्त काफी बढ़ जाते हैं। इसी वजह से उनमें आक्रामकता बढ़ जाती। वो अपने पर नियंत्रण खो देता है। आक्रामक होने का यही बड़ा कारण है। इसके अलावा अगर जानवर को खाना नहीं मिला या उस पर हमला हुआ है तब आक्रामक हो सकता है।
-डॉ. राजेंद्र सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर बरेली कॉलेज जुलॉजी विभाग
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कमिश्नर ने पशु विभाग को शनिवार को पत्र लिखा था। कमिश्नर का आदेश मिलते ही पशु विभाग अलर्ट हो गया। शनिवार को ही नगर निगम को पत्र लिखते हुए घोड़े पकड़ने को कहा। ताकि, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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बता दें कि शहर में घोड़ों का आतंक बना हुआ है। पुराना जेल रोड, सर्किट हाउस और सिविल लाइंस में घोड़े लोगों पर हमला कर चुके हैं। रविवार को भी जिला अस्पताल के स्टाफ को एक घोड़े ने काट लिया था, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया। नेकपुर गल्ला मंडी निवासी 50 वर्षीय बृज बिहारी जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में तैनात हैं। रविवार को बृज बिहारी अयूब खां चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरा रहे थे। तभी वहां पर मौजूद घोड़े ने हमला कर दिया और दाहिने हाथ में कोहनी के पास काट लिया। सर्किट हाउस के पास पार्षद सतीश कातिब को भी घोड़े ने शनिवार को काट लिया था। पुराना जेल रोड पर तो एक माह के अंदर लगभग एक दर्जन लोगों को घोड़े काट चुके हैं।
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नर पशुओं में टेस्टोस्टीरोन हार्मोन पाया जाता है, जो ब्रीडिंग के वक्त काफी बढ़ जाते हैं। इसी वजह से उनमें आक्रामकता बढ़ जाती। वो अपने पर नियंत्रण खो देता है। आक्रामक होने का यही बड़ा कारण है। इसके अलावा अगर जानवर को खाना नहीं मिला या उस पर हमला हुआ है तब आक्रामक हो सकता है।
-डॉ. राजेंद्र सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर बरेली कॉलेज जुलॉजी विभाग