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किच्छा नदी में डूबने से दो भाइयों की मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 11 May 2018 01:10 AM IST
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डूबना
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किच्छा नदी किनारे पालेज में खीरे तोड़ने की कोशिश में नरायन नगला गांव के रहने वाले दो सगे भाई डूब गए। एक का शव तीन घंटे बाद मिला, जबकि दूसरे का शव गोताखोर छह घंटे बाद निकाल पाए। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना देते हुए शासन से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
नरायन नगला के रहने वाले ईशाक अहमद के पुत्र आसिफ (13) और कासिम (11) बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे बकरी के लिए घास लेने खेत पर गए थे। गांव के निजी स्कूल में आसिफ कक्षा चार और कासिम कक्षा दो का छात्र था। खेत पर उनके साथ दोस्त सादिक भी था। नदी किनारे दलदल में लगी पालेज में खीरे देखकर तीनों ललचा गए और खीरे तोड़ने नदी की ओर बढ़ गए। तभी अचानक कासिम का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए आसिफ भी नदी में कूद पड़ा। दोनों तैरना जानते थे लेकिन नदी में गहरे कुुंड में जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके।
दोस्त सादिक ने भागकर घर वालों को घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौकेे पर पहुंचे। तैराकी जानने वाले गांव के कुछ युवक करीब तीन घंटे बाद कासिम का शव खोज सके जबकि आसिफ का शव खोजने के लिए रामगंगा के चार गोताखोरों को बुलाना पड़ा।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों के अनुरोध पर दोनों भाइयों के शव सिर्फ पंचनामा भरकर उन्हें सौंप दिए। गांव में ही उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया गया। एसडीएम एमपी सिंह और तहसीलदार ब्रजपाल सिंह राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे।
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नरायन नगला के रहने वाले ईशाक अहमद के पुत्र आसिफ (13) और कासिम (11) बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे बकरी के लिए घास लेने खेत पर गए थे। गांव के निजी स्कूल में आसिफ कक्षा चार और कासिम कक्षा दो का छात्र था। खेत पर उनके साथ दोस्त सादिक भी था। नदी किनारे दलदल में लगी पालेज में खीरे देखकर तीनों ललचा गए और खीरे तोड़ने नदी की ओर बढ़ गए। तभी अचानक कासिम का पैर फिसला और वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए आसिफ भी नदी में कूद पड़ा। दोनों तैरना जानते थे लेकिन नदी में गहरे कुुंड में जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके।
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दोस्त सादिक ने भागकर घर वालों को घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौकेे पर पहुंचे। तैराकी जानने वाले गांव के कुछ युवक करीब तीन घंटे बाद कासिम का शव खोज सके जबकि आसिफ का शव खोजने के लिए रामगंगा के चार गोताखोरों को बुलाना पड़ा।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों के अनुरोध पर दोनों भाइयों के शव सिर्फ पंचनामा भरकर उन्हें सौंप दिए। गांव में ही उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया गया। एसडीएम एमपी सिंह और तहसीलदार ब्रजपाल सिंह राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे।