{"_id":"596a47964f1c1b2b278b48d6","slug":"171500137366-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पावर लिफ्टिंग में हिमांशु को दो रजत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पावर लिफ्टिंग में हिमांशु को दो रजत
Updated Sun, 16 Jul 2017 09:10 PM IST
विज्ञापन
बरेली।
स्पेशल ओलंपिक भारत की ओर आयोजित नेशनल चैंपियनशिप पावर लिफ्टिंग में प्रदेश के स्पेशल बच्चों की टीम ने दस पदक पर कब्जा कर लिया। इसमें एक स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। बरेली के हिमांशु गुप्ता ने दो रजत पदक जीतकर नाम रोशन किया है। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान के हिमांशु गुप्ता को बधाई दी गई।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुई प्रतियोगिता 9 से 14 जुलाई तक चली। इसमें भारत के सभी राज्यों से स्पेशल खिलाड़ी शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश के नौ सदस्यों की टीम ने भी प्रतिभाग किया, जिसमें सात खिलाड़ी और दो कोच थे। तमाम खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
उत्तर प्रदेश से गाजियाबाद की मिताली ने स्वर्ण पदक जीता। बरेली के हिमांशु ने दो रजत, लखनऊ के निशांक ने दो, इच्छा पटेल ने एक और अजय सिंह ने एक रजत पर कब्जा किया। कांस्य पदक सर्व शिक्षा अभियान इटावा के रामजी, गाजियाबाद की टिया और लखनऊ की इच्छा पटेल ने जीता।
विज्ञापन
स्पेशल छात्र हिमांशु आज हैं सहायक कोच
हिमांशु के मां-बाप को जब पता चला कि उनका बेटा मानसिक मंदित है, सामान्य नही है तो ऐसे में सबसे बड़ी समस्या परवरिश के साथ-साथ मन में हीन भावना को रोकना था। हिमांशु को जीवनधारा संस्थान का सहारा मिला और आज पावर लिफ्टिंग में अच्छा प्रदर्शन करके रजत पदक जीता। हिमांशु इस समय सहायक कोच हैं, जो रोज साइकिल से संस्थान आते हैं और घर का काम भी करते हैं। हिमांशु अपने परिवार में सबसे बड़े हैं। छोटे भाई एमबीए कर रहे हैं और बहन भी पढ़ाई कर रही है। पिता हरिशंकर गुप्ता की श्यामगंज में दुकान है और माता शशि गुप्ता गृहणी हैं।
विज्ञापन
स्पेशल ओलंपिक भारत की ओर आयोजित नेशनल चैंपियनशिप पावर लिफ्टिंग में प्रदेश के स्पेशल बच्चों की टीम ने दस पदक पर कब्जा कर लिया। इसमें एक स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। बरेली के हिमांशु गुप्ता ने दो रजत पदक जीतकर नाम रोशन किया है। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान के हिमांशु गुप्ता को बधाई दी गई।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुई प्रतियोगिता 9 से 14 जुलाई तक चली। इसमें भारत के सभी राज्यों से स्पेशल खिलाड़ी शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश के नौ सदस्यों की टीम ने भी प्रतिभाग किया, जिसमें सात खिलाड़ी और दो कोच थे। तमाम खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश से गाजियाबाद की मिताली ने स्वर्ण पदक जीता। बरेली के हिमांशु ने दो रजत, लखनऊ के निशांक ने दो, इच्छा पटेल ने एक और अजय सिंह ने एक रजत पर कब्जा किया। कांस्य पदक सर्व शिक्षा अभियान इटावा के रामजी, गाजियाबाद की टिया और लखनऊ की इच्छा पटेल ने जीता।
विज्ञापन
स्पेशल छात्र हिमांशु आज हैं सहायक कोच
हिमांशु के मां-बाप को जब पता चला कि उनका बेटा मानसिक मंदित है, सामान्य नही है तो ऐसे में सबसे बड़ी समस्या परवरिश के साथ-साथ मन में हीन भावना को रोकना था। हिमांशु को जीवनधारा संस्थान का सहारा मिला और आज पावर लिफ्टिंग में अच्छा प्रदर्शन करके रजत पदक जीता। हिमांशु इस समय सहायक कोच हैं, जो रोज साइकिल से संस्थान आते हैं और घर का काम भी करते हैं। हिमांशु अपने परिवार में सबसे बड़े हैं। छोटे भाई एमबीए कर रहे हैं और बहन भी पढ़ाई कर रही है। पिता हरिशंकर गुप्ता की श्यामगंज में दुकान है और माता शशि गुप्ता गृहणी हैं।