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कलक्ट्रेट के बाबू की गर्दन मांझे से कटी तो सरायखाम की गलियां फोर्स से पटीं

Tue, 02 Jul 2019 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2019 02:49 AM IST
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कलक्ट्रेट के बाबू की गर्दन मांझे से कटी तो सरायखाम की गलियां फोर्स से पटीं
बरेली। गर्मी की छुट्टियां खत्म हुईं तो सोमवार को पांच साल की रितिका भी खुशी-खुशी स्कूल जाने को निकली, लेकिन मढ़ीनाथ पुल पर लटके चाइनीज मांझे अचानक उसकी गर्दन फंसी तो बुरी तरह लहूलुहान हो गई। स्कूल के बजाय उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इस मासूम की गर्दन में दस टांके लगाने पड़े। दो घंटे बाद ही एक और हादसा हुआ तो पुलिस-प्रशासन का खामोश बैठना मुश्किल हो गया। अलखनाथ मंदिर जाने को निकले कलक्ट्रेट का बाबू भी इसी पुल पर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गया। इसके बाद प्रशासन का अमला चाइनीज मांझे की दुकानों पर छापे मारने सराय खाम पहुंचा लेकिन इससे पहले ही सूचना लीक हो गई। काफी तलाश के बावजूद चाइनीज मांझा प्रशासन की टीमों के हाथ नहीं आया।
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सुबह सात बजे मढ़ीनाथ में रहने वाले अक्षय सक्सेना की पांच साल की बेटी नर्सरी की छात्रा रितिका अपने बड़े भाई के साथ पुलिस मॉडर्न स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में उसकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। धारदार मांझे से उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई और बेतहाशा खून बहने लगा। बच्ची दर्द से चीखी तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। मांझे ने गर्दन को काफी अंदर तक काट दिया था। किसी तरह लोगों ने सावधानीपूर्वक मांझे को गर्दन से निकाला और बच्ची को अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों को उसकी गर्दन में दस टांके लगाने पड़े।
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दो घंटे बाद ही करीब नौ बजे कलेक्ट्रेट के नगर निकाय सहायक पद पर तैनात 55 वर्षीय सुनील कुमार माहेश्वरी गणेश नगर में स्थित अपने घर से पत्नी बबिता माहेश्वरी के साथ बाइक पर अलखनाथ मंदिर जाने के लिए निकले तो मढ़ीनाथ पुल पर उनकी भी गर्दन में मांझा फंस गया। इससे गर्दन बुरी तरह कट गई और खून बहने लगा। बाइक भी बेकाबू होकर गिर गई। इससे बबिता भी घायल हो गईं। काफी देर तक दोनों लोग मौके पर ही पड़े रहे, राह चलते लोगों ने भी उनकी मदद नहीं की। कुछ समय बाद यहां से गुजर रहे प्रेम माहेश्वरी ने उन्हें अपनी कार में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। उनकी गर्दन पर भी कई टांके लगाए गए तब कहीं खून बहना रुक पाया।
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एक के बाद एक हादसा, प्रशासन कभी नहीं जागता
11 जनवरी 2019 को कैंट के आरएन टैगोर स्कूल की प्रधानाचार्य बीना जौहरी की गर्दन श्यामगंज पुल कट गई थी। वे सुबह के वक्त स्कूल जाने को स्कूटी से निकली थीं।
28 जनवरी 2018 को राजेंद्र नगर निवासी बिजली सब स्टेशन के ऑपरेटर सीपी सिंह भी मांझे की चपेट में आ गए। मांझे से उनकी नाक कट गई।
14 फरवरी 2018 को बारादरी थाने की कांस्टेबल आरती शुक्ला की गर्दन श्यामगंज फ्लाईओवर पर मांझे से कट गई।
7 जून 2018 को वीर सावरकर नगर निवासी संदीप अदलखिया के बेटे रौनक की श्यामगंज पुल पर मांझे से गर्दन कट गई। वे हेलमेट लगाए थे पर बच नहीं पाए।
दिसंबर 2018 में सुरेश शर्मा नगर निवासी संजय शर्मा भी मांझे से घायल हुए। श्यामगंज पुल पर उनके चेहरे और गर्दन पर मांझा लिपटने से घाव हो गए।
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