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थैलेसीमिया की ‘कुंडली’ मिले तभी थमेगा यह लाइलाज रोग
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बरेली। आईएमए हाल में रविवार को थैलेसीमिया चेकअप कैंप का आयोजन हुआ, जिसमें नई दिल्ली अपोलो हॉस्पिटल की थैलेसीमिया विशेषज्ञ डॉ. अनीता महाजन ने थैलेसीमिया पीड़ित करीब डेढ़ सौ बच्चों की जांच की और उन्हें नियमित दवा खाने और स्वस्थ रहने के टिप्स दिए।
डॉ. अनीता ने बताया कि लाइलाज आनुवांशिक रोग थैलेसीमिया की रोकथाम दवाओं से बेहद मुश्किल है। बताया कि बोनमैरो ट्रांसप्लांट ही इसका एकमात्र इलाज है। कहा, विवाह के दौरान जन्म कुंडली मिलाने के दौरान ही पति पत्नी में से कैरियर का पता चल जाए तो इस रोग से पीड़ित बच्चों की संख्या कम हो सकती है। साथ ही अगर कैरियर का विवाह हो चुका है तो प्रेग्नेंसी के दौरान भी अगर गर्भवती में थैलेसीमिया की जांच करा ली जाए तो गर्भपात कराया जा सकता है। ताकि जन्म लेने के बाद आजीवन दूसरों के खून और दवाओं पर जिंदा रहने की जरूरत न हो। कैंप में डॉ. सरदाना, डॉ. अंजू उप्पल, डॉ. पारुल, रजनी अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।
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डॉ. अनीता ने बताया कि लाइलाज आनुवांशिक रोग थैलेसीमिया की रोकथाम दवाओं से बेहद मुश्किल है। बताया कि बोनमैरो ट्रांसप्लांट ही इसका एकमात्र इलाज है। कहा, विवाह के दौरान जन्म कुंडली मिलाने के दौरान ही पति पत्नी में से कैरियर का पता चल जाए तो इस रोग से पीड़ित बच्चों की संख्या कम हो सकती है। साथ ही अगर कैरियर का विवाह हो चुका है तो प्रेग्नेंसी के दौरान भी अगर गर्भवती में थैलेसीमिया की जांच करा ली जाए तो गर्भपात कराया जा सकता है। ताकि जन्म लेने के बाद आजीवन दूसरों के खून और दवाओं पर जिंदा रहने की जरूरत न हो। कैंप में डॉ. सरदाना, डॉ. अंजू उप्पल, डॉ. पारुल, रजनी अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।
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