{"_id":"5d15279d8ebc3e3cd728f637","slug":"15616674668-bareilly-news169","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाइप लाइन फटने से जलभराव, पार्षद ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाइप लाइन फटने से जलभराव, पार्षद ने दिया धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कूड़ा और चोक नाला नालियों की समस्या से पीड़ित शहरवासियों के लिए अब वाटर पाइप लाइन भी मुसीबत बन रही है। गुरुवार को दोपहर और शाम शहर के दो इलाकों में वाटर पाइप लाइन फटने से सड़क जलमग्न हो गई। दोपहर में जलकल विभाग की टीम ने फटी लाइन को दुरुस्त कर समस्या का समाधान कर दिया लेकिन शाम को अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
गुरुवार दोपहर बरेली कॉलेज गेट के ठीक सामने अचानक वाटर पाइप लाइन लीक होने लगी। जिससे आस-पास जलभराव होने पर स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को सूचना दी। जिस पर जलकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर पाइप लाइन की लीकेज बंद कर समस्या का समाधान कर दिया। शाम को शील चौराहा के पास पानी की मेन लाइन फटने से सड़क पर जलभराव हो गया। सूचना पर पहुंचे पार्षद सतीश कातिब ने नगर आयुक्त और जलकल जीएम को फोन किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिस पर वे धरना पर बैठ गए। जिसके बाद डीएम को फोन कर शिकायत दर्ज करायी लेकिन वहां से भी कोई खास राहत नहीं मिल सकी। देर रात तक धरने पर बैठने की सूचना पर जीएम जलकल ने फोन कर सुबह समस्या का निस्तारण करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद पार्षद ने सुबह समस्या का निस्तारण न होने पर सामूहिक धरना देने की चेतावनी के साथ धरना से हटे।
विज्ञापन
गुरुवार दोपहर बरेली कॉलेज गेट के ठीक सामने अचानक वाटर पाइप लाइन लीक होने लगी। जिससे आस-पास जलभराव होने पर स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को सूचना दी। जिस पर जलकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर पाइप लाइन की लीकेज बंद कर समस्या का समाधान कर दिया। शाम को शील चौराहा के पास पानी की मेन लाइन फटने से सड़क पर जलभराव हो गया। सूचना पर पहुंचे पार्षद सतीश कातिब ने नगर आयुक्त और जलकल जीएम को फोन किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिस पर वे धरना पर बैठ गए। जिसके बाद डीएम को फोन कर शिकायत दर्ज करायी लेकिन वहां से भी कोई खास राहत नहीं मिल सकी। देर रात तक धरने पर बैठने की सूचना पर जीएम जलकल ने फोन कर सुबह समस्या का निस्तारण करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद पार्षद ने सुबह समस्या का निस्तारण न होने पर सामूहिक धरना देने की चेतावनी के साथ धरना से हटे।
विज्ञापन