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बरेली सांसद का प्रस्ताव भेजा, आंवला सांसद का रोका
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बरेली। ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने बरेली की पिछले साल की बकाया 2.5 करोड़ की रकम भेजने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। आंवला सांसद अपनी निधि में तीन करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च नहीं कर पाए थे, इसलिए उनका प्रस्ताव रोक दिया गया है। आंवला सांसद की निधि भी 2.5 करोड़ रुपये बकाया है। नई लोकसभा की सांसद निधि भेजने के लिए भी खाते खुलवाए गए हैं। यह रकम नए खातों में आएगी।
प्रत्येक सांसद को हर साल अपने लोकसभा क्षेत्र में सड़क, नाली, शवदाह गृह निर्माण समेत अन्य छोटे-मोटे काम कराने के लिए पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। बरेली और आंवला सांसद को इसी नियम के अंतर्गत वर्ष 2014 से 2018-19 तक 25-25 करोड़ रुपये मिले। दोनों सांसद पांच साल में अपनी सांसद निधि की पूरी रकम क्षेत्र के विकास पर खर्च नहीं कर पाए। इस वजह से आखिरी साल में बरेली और आंवला सांसद की आखिरी किस्त (2.5-2.5) करोड़ रुपये रोक दी गई थी। इसी बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। चुनाव निपटने और केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद दोनों सांसदों की बकाया सांसद निधि की किस्त भेजने के लिए डीआरडीए ने प्रस्ताव तैयार किया। इसमें बरेली के सांसद संतोष गंगवार की बकाया 2.5 करोड़ की किस्त देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
वहीं आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि से तीन करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च ही नहीं हो पायी, इसलिए आंवला सांसद निधि की बकाया 2.5 करोड़ रुपये भेजने का प्रस्ताव रोका गया है। दोनों सांसद जब सांसद निधि की पुरानी रकम खर्च कर लेंगे, तब इस साल की पांच-पांच करोड़ की रकम नई सांसद निधि से उनके खातों में पहुंच जाएगी।
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केवल 36 सांसद ही खर्च कर पाए थे पूरी रकम
एक वेबसाइट के अनुसार देश भर में 543 सांसदों में से केवल 36 सांसद ही पांच साल में मिलने वाली 25 करोड़ की रकम खर्च कर पाए हैं। 518 सांसद पूरी रकम खर्च नहीं कर पाए, जिन सांसदों की पूरी रकम खर्च नहीं हुई थी, उनमें बरेली से संतोष गंगवार और आंवला से धर्मेंद्र कश्यप भी शामिल हैं।
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प्रत्येक सांसद को हर साल अपने लोकसभा क्षेत्र में सड़क, नाली, शवदाह गृह निर्माण समेत अन्य छोटे-मोटे काम कराने के लिए पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। बरेली और आंवला सांसद को इसी नियम के अंतर्गत वर्ष 2014 से 2018-19 तक 25-25 करोड़ रुपये मिले। दोनों सांसद पांच साल में अपनी सांसद निधि की पूरी रकम क्षेत्र के विकास पर खर्च नहीं कर पाए। इस वजह से आखिरी साल में बरेली और आंवला सांसद की आखिरी किस्त (2.5-2.5) करोड़ रुपये रोक दी गई थी। इसी बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। चुनाव निपटने और केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद दोनों सांसदों की बकाया सांसद निधि की किस्त भेजने के लिए डीआरडीए ने प्रस्ताव तैयार किया। इसमें बरेली के सांसद संतोष गंगवार की बकाया 2.5 करोड़ की किस्त देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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वहीं आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि से तीन करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च ही नहीं हो पायी, इसलिए आंवला सांसद निधि की बकाया 2.5 करोड़ रुपये भेजने का प्रस्ताव रोका गया है। दोनों सांसद जब सांसद निधि की पुरानी रकम खर्च कर लेंगे, तब इस साल की पांच-पांच करोड़ की रकम नई सांसद निधि से उनके खातों में पहुंच जाएगी।
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केवल 36 सांसद ही खर्च कर पाए थे पूरी रकम
एक वेबसाइट के अनुसार देश भर में 543 सांसदों में से केवल 36 सांसद ही पांच साल में मिलने वाली 25 करोड़ की रकम खर्च कर पाए हैं। 518 सांसद पूरी रकम खर्च नहीं कर पाए, जिन सांसदों की पूरी रकम खर्च नहीं हुई थी, उनमें बरेली से संतोष गंगवार और आंवला से धर्मेंद्र कश्यप भी शामिल हैं।