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फर्जी शिक्षकों को खोजने में अफसर नाकाम
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बरेली। फर्जी नियुक्तियों के मामले में फंसे अफसर, शिक्षक व कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा चार दिन गुजरने के बाद भी नहीं जुटा सका है। जबकि विजिलेंस को रिकॉर्ड सौंपने का सोमवार को आखिरी दिन था। निर्धारित समयसीमा में रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर विभाग की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लग रहा है।
20 जून को विजिलेंस ने पत्र भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग से मामले से संबंधित 15 शिक्षक व कर्मचारियों की वर्तमान तैनाती या अवकाश प्राप्त होने का रिकॉर्ड, वर्तमान पता, फोन नंबर मांगा है। साथ ही किसी की मृत्यु पर मृतक प्रमाण पत्र देने के लिए कहा है। इस पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश तो जारी कर दिए लेकिन मांगे गए रिकॉर्ड तैयार कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। बता दें कि वर्ष 2003 में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों का मामला प्रकाश में आया। सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन डीएम ने विजिलेंस को जांच सौंपी। जांच में तत्कालीन बीएसए एमपी सिंह कुशवाहा व दीपचंद्र प्रजापति सहित 29 शिक्षक व कर्मचारी फंसे। हालांकि सफेदपोशों के दवाब में जांच फाइलों में दब गई। अब विजिलेंस जांच फिर से शुरू हो गई है। बीएसए तनुजा त्रिपाठी का कहना है कि सूची में शामिल कई लोग रिटायर हो गए हैं। पूर्व में भी विजिलेंस को जानकारी दी गई हैं। कितने रिटायर हुए हैं, फिलहाल गोपनीयता बनाने के लिए यह संख्या नहीं बताई जा सकती।
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20 जून को विजिलेंस ने पत्र भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग से मामले से संबंधित 15 शिक्षक व कर्मचारियों की वर्तमान तैनाती या अवकाश प्राप्त होने का रिकॉर्ड, वर्तमान पता, फोन नंबर मांगा है। साथ ही किसी की मृत्यु पर मृतक प्रमाण पत्र देने के लिए कहा है। इस पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश तो जारी कर दिए लेकिन मांगे गए रिकॉर्ड तैयार कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। बता दें कि वर्ष 2003 में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों का मामला प्रकाश में आया। सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन डीएम ने विजिलेंस को जांच सौंपी। जांच में तत्कालीन बीएसए एमपी सिंह कुशवाहा व दीपचंद्र प्रजापति सहित 29 शिक्षक व कर्मचारी फंसे। हालांकि सफेदपोशों के दवाब में जांच फाइलों में दब गई। अब विजिलेंस जांच फिर से शुरू हो गई है। बीएसए तनुजा त्रिपाठी का कहना है कि सूची में शामिल कई लोग रिटायर हो गए हैं। पूर्व में भी विजिलेंस को जानकारी दी गई हैं। कितने रिटायर हुए हैं, फिलहाल गोपनीयता बनाने के लिए यह संख्या नहीं बताई जा सकती।
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