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पत्नी को सीएमएस बनवाने को गुप्ता धमकाते थे.. फंसवा देंगे झूठा

Sun, 23 Jun 2019 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 01:58 AM IST
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पत्नी को सीएमएस बनवाने को गुप्ता धमकाते थे.. फंसवा देंगे झूठा
पत्नी को सीएमएस बनवाने को गुप्ता धमकाते थे.. फंसवा देंगे झूठा - फोटो : अमर उजाला, बरेली

सीएमएस नहीं दिखे तो महिला अस्सपताल की सीएमएस डॉ. अलका का दर्द फूटा

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जार-जार रोईं महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अलका, कहा- डा. गुप्ता सस्पेंड कराने की देते थे धमकी

बरेली। नवजात बच्ची की मौत के बाद मुस्कराने वाले जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता मरीजों पर ही हेकड़ी नहीं जमाते थे, बल्कि साथी सीएमएस डॉ. अलका को भी धमकाते थे। निलंबित चल रहे डॉ. गुप्ता शनिवार को जिला अस्पताल में नहीं दिखे तो डॉ. अलका का दर्द फूट पड़ा। रोते हुए बोलीं कि डॉ. गुप्ता पीलीभीत में तैनात अपनी पत्नी को यहां तैनात कराना चाहते थे। इसके लिए वो उन्हें फंसाने का ताना-बाना भी बुन रहे थे। बात-बात पर धमकाते थे कि तुम्हारा वही हाल करूंगा, जो डॉ. साधना का किया था।
शनिवार को महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका जार-जार रोईं। बोलीं- वो तो डॉ. गुप्ता से काफी जूनियर हैं। भी हूं। डॉ. गुप्ता ने महिला अस्पताल में एक वार्ड बुखार के मरीजों के लिए मांगा, जो मैंने दिया। उनके हर आदेश का पालन भी करती थी, लेकिन इसके बाद भी वह हमेशा तैश और गुस्से में ही बात करते थे। बात-बात पर धमकाते थे कि ऊपर शिकायत कर देंगे। जूनियर होने के नाते कभी पलट कर उन्हें जवाब नहीं दिया। आंसू पोंछते हुए डॉ. अलका ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी एडी हेल्थ को भी दी थी। हो सकता है उन्होंने डा. गुप्ता से कुछ कहा भी हो, लेकिन उनके व्यवहार में कभी बदलाव नहीं आया। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में रेडिएंट वार्मर खाली होने पर भी डा. गुप्ता बीमार बच्चों को इलाज के लिए महिला अस्पताल भेज देते थे, जबकि वो जानते थे कि महिला अस्पताल में रेडिएंट वार्मर खाली नहीं हैं। जबकि उन बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा सकता था।
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डॉ. अलका शर्मा ने कहा कि कई बार उन्होंने खुद ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। महिला अस्पताल की सीएमएस ने बताया कि डॉ. गुप्ता फोन पर वह बच्चा वार्ड की इंचार्ज सिस्टर डेजी से बच्चों को भर्ती न कर तीमारदारों से जिला महिला अस्पताल जाने को कहते थे। इसके पीछे उनका उद्देश्य यह रहता था कि कोई बच्चा यदि इलाज अभाव में मर जाए तो उसका सारा दोष जिला महिला अस्पताल पर लगाकर वह उन्हें हटवा सकें। यही वजह है कि वह बात-बात पर कहते थे कि जैसा हाल डा. साधना का करवाया था, वैसा तुम्हारा भी करवा देंगें। रुंधे गले से डा. अलका ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी डीएम साहब को भी पहले दे देनी चाहिए थी, लेकिन उनके डर से ऐसा नहीं कर सकी। इस संबंध में डा. केएस गुप्ता का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव करने के बाद कहा गया कि आवाज नहीं आ रही है। दूसरी बार फोन मिलाया गया तो रिसीव नहीं हुआ।
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