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मेरी लिए लेबर ऑफ लव है संगीत
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बरेली। बॉलीवुड रॉक बैंड अस्तित्व आज हिंदुस्तान के बाहर तक अपना वजूद रखता है। खानकाह नियाजिया में उर्स-ए-तकी में हाजिरी देने आए बैंड के ग्रुप लीडर उस्ताद शकील अहमद खां का मानना है कि संगीत उनके लिए लेबर ऑफ लव है।
प्रसिद्ध गजल गायक और शास्त्रीय संगीतज्ञ उस्ताद शकील अहमद ने बताया कि उन्होंने 2007 में अस्तित्व बैंड की शुरुआत दिल्ली से की थी। उनके ग्रुप के कंपोजीशन की खास बात यह है कि वह आम आदमी से जुड़ता है। संगीत में एक संदेश होता है जो लोगों में भरोसा पैदा करता है। रॉक एंड जैज की थीम पर उनके कंपोजीशन में थोड़ा का क्लासिकल और उर्दू शायरी का टच होता है। इसी लिए उनका बैंड अलग पहचाना जाता है। भारत के अलावा विदेशों में भी उनका संगीत लोग पसंद करते है। उन्होंने कई फिल्मों में बैंड दिया है। उनके प्रसिद्ध सॉग्स में, दिल बंजारा..., न जाओ..., सुनो कहानी मेरी..., सिंगल्स आदि हैं। उनकी ‘वैलेंटाइन नाईट’ के नाम से एक एलबम भी है। उन्होंने कहा कि आज उनकी प्रसिद्धि में खानकाह के बुजुर्गों का करम है। खास कर सरकार हसनी मियां साहब और शब्बू मियां का सिर पर हाथ है।
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प्रसिद्ध गजल गायक और शास्त्रीय संगीतज्ञ उस्ताद शकील अहमद ने बताया कि उन्होंने 2007 में अस्तित्व बैंड की शुरुआत दिल्ली से की थी। उनके ग्रुप के कंपोजीशन की खास बात यह है कि वह आम आदमी से जुड़ता है। संगीत में एक संदेश होता है जो लोगों में भरोसा पैदा करता है। रॉक एंड जैज की थीम पर उनके कंपोजीशन में थोड़ा का क्लासिकल और उर्दू शायरी का टच होता है। इसी लिए उनका बैंड अलग पहचाना जाता है। भारत के अलावा विदेशों में भी उनका संगीत लोग पसंद करते है। उन्होंने कई फिल्मों में बैंड दिया है। उनके प्रसिद्ध सॉग्स में, दिल बंजारा..., न जाओ..., सुनो कहानी मेरी..., सिंगल्स आदि हैं। उनकी ‘वैलेंटाइन नाईट’ के नाम से एक एलबम भी है। उन्होंने कहा कि आज उनकी प्रसिद्धि में खानकाह के बुजुर्गों का करम है। खास कर सरकार हसनी मियां साहब और शब्बू मियां का सिर पर हाथ है।
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