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एनसीएपी से बरेली की हवा शुद्ध बनाने की कवायद जल्द
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बरेली। प्रदेश के सर्वाधिक 15 प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल बरेली की हवा को शुद्ध बनाने की कवायद जल्द शुरू होने वाली है। केंद्र सरकार के नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनएसीपी) के तहत दूसरे चरण में बरेली को शामिल किए जाने की संभावना है। जिसके बाद आधुनिक यंत्रों से हवा को स्वच्छ किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक प्रेमचंद कनौजिया के मुताबिक पूर्व में शासन ने बरेली में वायु प्रदूषण की जानकारी मांगी थी। वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण जिले को नॉन एटेनमेंट सिटी की श्रेणी में रखा गया है। पहले चरण में प्रदेश के पांच शहरों लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा का चयन किया गया है। आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए केंद्र सरकार ने प्रत्येक चयनित शहर को दस करोड़ रुपये का पैकेज भी दिया है। उन्होंने दूसरे चरण में बरेली के चयन की संभावना जताई है।
चौपुला और श्यामगंज सर्वाधिक प्रदूषित
एयर मॉनीटरिंग डाटा के अनुसार मार्च और अप्रैल में शहर के चौपुला तथा शहामतगंज इलाके में हवा में सर्वाधिक प्रदूषण मिला, जो स्टैंडर्ड मानक से चार गुना अधिक है। इसके अलावा बड़ा बाजार, सेटेलाइट, रोडवेज, डेलापीर रोड, किला, मढ़ीनाथ, सिविल लाइन, संजय नगर, कुतुबखाना और अन्य इलाकों की हवा भी तेजी से दूषित हुई। यहां का एसपीएम गुणांक 180 से अधिक है। यानी सांस के साथ धुआं लगातार जा रहा है।
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ये है प्रदूषण का गुणांक
इलाका गुणांक(आरपीएम)
चौपुला 289
श्यामगंज 266
आईवीआरआई 202
कैंट 153
प्रभा टाकीज 249
कुतुबखाना 189
सेटेलाइट 180
रोडवेज 182
एनसीएपी के तहत बरेली का चयन होने पर शहर को प्रदूषण मुक्त किए जाने की कवायद शुरू होगी। सिर्फ उपकरणों से ही वायु प्रदूषण खत्म नहीं होगा। इसमें शहरवासियों को भी सहयोग करना जरूरी है।
- प्रेमचंद कनौजिया, सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक प्रेमचंद कनौजिया के मुताबिक पूर्व में शासन ने बरेली में वायु प्रदूषण की जानकारी मांगी थी। वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण जिले को नॉन एटेनमेंट सिटी की श्रेणी में रखा गया है। पहले चरण में प्रदेश के पांच शहरों लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा का चयन किया गया है। आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए केंद्र सरकार ने प्रत्येक चयनित शहर को दस करोड़ रुपये का पैकेज भी दिया है। उन्होंने दूसरे चरण में बरेली के चयन की संभावना जताई है।
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चौपुला और श्यामगंज सर्वाधिक प्रदूषित
एयर मॉनीटरिंग डाटा के अनुसार मार्च और अप्रैल में शहर के चौपुला तथा शहामतगंज इलाके में हवा में सर्वाधिक प्रदूषण मिला, जो स्टैंडर्ड मानक से चार गुना अधिक है। इसके अलावा बड़ा बाजार, सेटेलाइट, रोडवेज, डेलापीर रोड, किला, मढ़ीनाथ, सिविल लाइन, संजय नगर, कुतुबखाना और अन्य इलाकों की हवा भी तेजी से दूषित हुई। यहां का एसपीएम गुणांक 180 से अधिक है। यानी सांस के साथ धुआं लगातार जा रहा है।
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ये है प्रदूषण का गुणांक
इलाका गुणांक(आरपीएम)
चौपुला 289
श्यामगंज 266
आईवीआरआई 202
कैंट 153
प्रभा टाकीज 249
कुतुबखाना 189
सेटेलाइट 180
रोडवेज 182
एनसीएपी के तहत बरेली का चयन होने पर शहर को प्रदूषण मुक्त किए जाने की कवायद शुरू होगी। सिर्फ उपकरणों से ही वायु प्रदूषण खत्म नहीं होगा। इसमें शहरवासियों को भी सहयोग करना जरूरी है।
- प्रेमचंद कनौजिया, सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड