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डीएम साहब भी जानते हैं जिला अस्पताल की बैरक में लड़कियों की दुर्दशा
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बरेली। जिला अस्पताल की बैरक में लड़कियों की दुर्दशा को लेकर अमर उजाला की खबर पढ़ने के बाद महिला जागृति मंच की अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज कुछ महिलाओं के साथ शनिवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंची। बैरक में लड़कियों से मिलने के बाद वह सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से मिलीं। सीएमएस का कहना था कि वह इस बारे में डीएम को दो बार बता चुके हैं।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ऊपर बनी बैरक में पहुंचीं। उस वक्त वहां ड्यूटी पर केवल एक सिपाही पूजा अत्रि मौजूद थीं। कमरे में छह लड़कियां थीं। बाकी मेडिकल परीक्षण कराए या कोर्ट में पेशी पर गई हुई थीं। डॉ. मनु के मुताबिक लड़कियों ने उन्हें बताया कि खाना उनके घरवाले लाकर खिलाते हैं। उन्हें कमरे में तीन बेड पड़े मिले, जिन पर चादर तक नहीं थी। लड़कियां जमीन पर लेटी, बैठी थीं। एक लड़की के साथ तीन माह का बच्चा भी था। इसके बाद डॉ. मनु ने टीम के साथ जाकर सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि यह सब (लड़कियों को सुविधाएं मुहैया कराना) उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बोले- हम डीएम साहब को दो बार बता चुके हैं। एक बार एडीएम साहब भी आए थे। उनके संज्ञान में सब डाल दिया गया था। टीम में अनिता, आभा, सविता एवं रंजना शामिल रहीं।
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शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ऊपर बनी बैरक में पहुंचीं। उस वक्त वहां ड्यूटी पर केवल एक सिपाही पूजा अत्रि मौजूद थीं। कमरे में छह लड़कियां थीं। बाकी मेडिकल परीक्षण कराए या कोर्ट में पेशी पर गई हुई थीं। डॉ. मनु के मुताबिक लड़कियों ने उन्हें बताया कि खाना उनके घरवाले लाकर खिलाते हैं। उन्हें कमरे में तीन बेड पड़े मिले, जिन पर चादर तक नहीं थी। लड़कियां जमीन पर लेटी, बैठी थीं। एक लड़की के साथ तीन माह का बच्चा भी था। इसके बाद डॉ. मनु ने टीम के साथ जाकर सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि यह सब (लड़कियों को सुविधाएं मुहैया कराना) उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बोले- हम डीएम साहब को दो बार बता चुके हैं। एक बार एडीएम साहब भी आए थे। उनके संज्ञान में सब डाल दिया गया था। टीम में अनिता, आभा, सविता एवं रंजना शामिल रहीं।
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