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चौबारी में सजने लगा घोड़ा बाजार, ग्लैंडर्स का खौफ
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पहले दिन कम संख्या में पहुंचे घोड़े, पशुपालन विभाग और ब्रूक इंडिया सतर्क
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बरेली। रामगंगा के निकट चौबारी में लगने वाला घोड़ा मेला मंगलवार से शुरू हो गया। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में पहले दिन करीब 250 घोड़े ही पहुंच सके। जबकि इससे पहले लगने वाले मेलों में पहले दिन ही तीन से पांच सौ तक घोड़े पहुंचते थे। ग्लैंडर्स के खतरे को लेकर पशुपालन विभाग और घोड़ों की देखभाल करने वाली संस्था ब्रूक इंडिया सतर्कता बरत रही है। बुधवार को कुछ घोड़ों के खून के सैंपल भी लिए जाएंगे।
घोड़ा मेले में मंगलवार सुबह से ही घोड़ों को बेचने और खरीदने वाले पहुंचने लगे। मेले में ग्लैंडर्स का खौफ नजर आया। इसके चलते मेले में आने वाले घोड़ों की संख्या कम रही। करीब 250 घोड़े ही विभिन्न स्थानों से पहुंचे। यहां बता दें कि डेढ़ माह में जिले में ग्लैंडर्स पीड़ित तीन घोड़ों को मर्सी डेथ दी जा चुकी है। घोड़ा मेला चिकित्सा कैंप के प्रभारी डॉ. अजय ने बताया कि ग्लैंडर्स के बढ़ते प्रकोप के चलते इस बार मेले में बिकने आने वाले घोड़ों की संख्या पहले की अपेक्षा कम है। उनकी टीम मेले में आने वाले घोड़ों पर नजर रखे हुए है। बुधवार को कुछ घोड़ों के खून के सैंपल भी लिए जाएंगे।
अस्वस्थ घोड़ों की दें सूचना
डॉ. अजय ने बताया कि मेले में बीमार घोड़ों के उपचार की नि:शुल्क व्यवस्था है। ग्लैंडर्स के बारे में बताया जा रहा है, इस संबंध में लक्षण दिखने पर सूचना देने के लिए कहा गया है। मेला कमेटी से भी सहयोग मांगा गया है।
घोड़ा मेले में मंगलवार सुबह से ही घोड़ों को बेचने और खरीदने वाले पहुंचने लगे। मेले में ग्लैंडर्स का खौफ नजर आया। इसके चलते मेले में आने वाले घोड़ों की संख्या कम रही। करीब 250 घोड़े ही विभिन्न स्थानों से पहुंचे। यहां बता दें कि डेढ़ माह में जिले में ग्लैंडर्स पीड़ित तीन घोड़ों को मर्सी डेथ दी जा चुकी है। घोड़ा मेला चिकित्सा कैंप के प्रभारी डॉ. अजय ने बताया कि ग्लैंडर्स के बढ़ते प्रकोप के चलते इस बार मेले में बिकने आने वाले घोड़ों की संख्या पहले की अपेक्षा कम है। उनकी टीम मेले में आने वाले घोड़ों पर नजर रखे हुए है। बुधवार को कुछ घोड़ों के खून के सैंपल भी लिए जाएंगे।
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अस्वस्थ घोड़ों की दें सूचना
डॉ. अजय ने बताया कि मेले में बीमार घोड़ों के उपचार की नि:शुल्क व्यवस्था है। ग्लैंडर्स के बारे में बताया जा रहा है, इस संबंध में लक्षण दिखने पर सूचना देने के लिए कहा गया है। मेला कमेटी से भी सहयोग मांगा गया है।
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