{"_id":"5cfc1724bdec22075249780f","slug":"15600248614-bareilly-news158","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निशमन विभाग को देना होगा जवाब एक ही दरवाजे पर कैसे दी एनओसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्निशमन विभाग को देना होगा जवाब एक ही दरवाजे पर कैसे दी एनओसी
विज्ञापन
बरेली। सूरत हादसे के बाद कोचिंग में आग से निपटने के इंतजाम भले ही न हों, इसको लेकर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) और फायर स्टेशन ऑफिसर (एफएसओ) जरूर सामने आ गए हैं। पिछले दिनों महिंद्रा कोचिंग के मामले में एफएसओ ने आरएचईओ को नोटिस देकर कोचिंग बंद कराने को कहा था। अब आरएचईओ उन्हें नोटिस देकर बिना इंतजाम राजेंद्रनगर की कोचिंग को एनओसी देने पर जवाब-तलब की तैयारी कर रहे हैं।
शुक्रवार को आरएचईओ राजेश प्रकाश की टीम ने राजेंद्रनगर में नीट आश्रम, विद्या मंदिर क्लासेज, केएमए, कांसेप्ट क्लासेज और ओमेगा कोचिंग पर छापा मारा था। छापे के दौरान इन कोचिंग में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। कोचिंग में अंदर-जाने के लिए एक ही रास्ता था, वहां भी वाहन खड़े थे। यह सब अग्निशमन मानकों के विपरीत है। इसके बावजूद नीट आश्रम समेत कुछ कोचिंग ने दावा किया कि उनके भवन को अग्निशमन विभाग से एनओसी मिली हुई है और सारे इंतजाम दुरुस्त हैं। मगर टीम ने इन इंतजाम को पर्याप्त न मानते हुए पांचों कोचिंग को नोटिस जारी कर दिया। आरएचईओ राजेश प्रकाश ने बताया कि इस मामले में अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी किया जाएगा कि मानक पूरे न होने पर भी इन बिल्डिंग को एनओसी कैसे दी गई।
पहले एफएसओ ने आरएचईओ को दिया था नोटिस
पिछले दिनों एफएसओ ने आरएचईओ को नोटिस जारी करके सिविल लाइंस स्थित महिंद्रा कोचिंग को बंद कराने के लिए कहा था। उनका कहना था कि हादसे की स्थिति में वहां से छात्र-छात्राओं का निकलना मुश्किल होगा। मगर इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि आरएचईओ का दावा है कि कोचिंग ने सारे इंतजाम दुरुस्त कर लिए हैं। जल्दी ही वहां का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कोचिंग संचालकों ने दावा किया कि अग्निशमन विभाग ने उन्हें एनओसी दी है जबकि मौके पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। ऐसे में अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी करके पूछा जाएगा कि एनओसी कैसे दी गई।
- राजेश प्रकाश, आरएचईओ
पूर्व में एनओसी कैसे मिली, मुझे नहीं पता। अगर शिक्षा विभाग की टीम फायर डिपार्टमेंट टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण करती तो यह पता रहता। अगर उनका पत्र आएगा तो कोचिंग का निरीक्षण करके देखा जाएगा कि एनओसी कैसे दी गई।
- सोमदत्त सोनकर, एफएसओ
विज्ञापन
शुक्रवार को आरएचईओ राजेश प्रकाश की टीम ने राजेंद्रनगर में नीट आश्रम, विद्या मंदिर क्लासेज, केएमए, कांसेप्ट क्लासेज और ओमेगा कोचिंग पर छापा मारा था। छापे के दौरान इन कोचिंग में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। कोचिंग में अंदर-जाने के लिए एक ही रास्ता था, वहां भी वाहन खड़े थे। यह सब अग्निशमन मानकों के विपरीत है। इसके बावजूद नीट आश्रम समेत कुछ कोचिंग ने दावा किया कि उनके भवन को अग्निशमन विभाग से एनओसी मिली हुई है और सारे इंतजाम दुरुस्त हैं। मगर टीम ने इन इंतजाम को पर्याप्त न मानते हुए पांचों कोचिंग को नोटिस जारी कर दिया। आरएचईओ राजेश प्रकाश ने बताया कि इस मामले में अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी किया जाएगा कि मानक पूरे न होने पर भी इन बिल्डिंग को एनओसी कैसे दी गई।
विज्ञापन
पहले एफएसओ ने आरएचईओ को दिया था नोटिस
पिछले दिनों एफएसओ ने आरएचईओ को नोटिस जारी करके सिविल लाइंस स्थित महिंद्रा कोचिंग को बंद कराने के लिए कहा था। उनका कहना था कि हादसे की स्थिति में वहां से छात्र-छात्राओं का निकलना मुश्किल होगा। मगर इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि आरएचईओ का दावा है कि कोचिंग ने सारे इंतजाम दुरुस्त कर लिए हैं। जल्दी ही वहां का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कोचिंग संचालकों ने दावा किया कि अग्निशमन विभाग ने उन्हें एनओसी दी है जबकि मौके पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। ऐसे में अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी करके पूछा जाएगा कि एनओसी कैसे दी गई।
- राजेश प्रकाश, आरएचईओ
पूर्व में एनओसी कैसे मिली, मुझे नहीं पता। अगर शिक्षा विभाग की टीम फायर डिपार्टमेंट टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण करती तो यह पता रहता। अगर उनका पत्र आएगा तो कोचिंग का निरीक्षण करके देखा जाएगा कि एनओसी कैसे दी गई।
- सोमदत्त सोनकर, एफएसओ