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लालफाटक ओवरिब्रज- रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिले तभी शुरू करें पुल का काम
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बरेली। सेतु निगम के अधिकारी लालफाटक पर रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिले बिना कैंट एरिया में पुल का काम शुरू करने को तैयार नहीं हैं। हालांकि रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा अधिकारी ने वर्किंग ऑर्डर की सैद्घांतिक अनुमति लेकर काम शुरू करने के लिए लेटर सेतु निगम के अधिकारियों से काम शुरू करने के लिए कहा था। गौरतलब है कि एनओसी न मिलने से इस पुल का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
इस ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम को कैंट एरिया में भी करीब 6500 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। इसके लिए पूर्व में जिला प्रशासन की तरफ से एनओसी लेने के लिए फाइल शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन रक्षा मंत्रालय से अनुमति न मिल पाने से सेतु निगम के अधिकारी कैंट क्षेत्र में पुल का काम नहीं शुरू कर पा रहे हैं। इससे इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगातार विलंब होता जा रहा है। इस बीच रक्षा संपदा अधिकारी की तरफ से सेतु निगम को यह विकल्प दिया गया था कि वे चाहे तो वर्किंग ऑर्डर की सैद्घांतिक अनुमति ले सकते हैं।
इसके बाद अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी होती रहेगी, जबकि सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद ही काम शुरू करना ठीक होगा। मामला रक्षा मंत्रालय से जुड़ा है, इसलिए इसमें परमीशन के लिए पूरी प्रक्रिया होनी जरूरी है। सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन ने बताया कि रक्षा संपदा अधिकारी का लेटर तो मिल गया है लेकिन इसमें रक्षा मुख्यालय से एनओसी मिलने के बाद ही काम कराया जाएगा।
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इस ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम को कैंट एरिया में भी करीब 6500 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। इसके लिए पूर्व में जिला प्रशासन की तरफ से एनओसी लेने के लिए फाइल शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन रक्षा मंत्रालय से अनुमति न मिल पाने से सेतु निगम के अधिकारी कैंट क्षेत्र में पुल का काम नहीं शुरू कर पा रहे हैं। इससे इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगातार विलंब होता जा रहा है। इस बीच रक्षा संपदा अधिकारी की तरफ से सेतु निगम को यह विकल्प दिया गया था कि वे चाहे तो वर्किंग ऑर्डर की सैद्घांतिक अनुमति ले सकते हैं।
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इसके बाद अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी होती रहेगी, जबकि सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद ही काम शुरू करना ठीक होगा। मामला रक्षा मंत्रालय से जुड़ा है, इसलिए इसमें परमीशन के लिए पूरी प्रक्रिया होनी जरूरी है। सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन ने बताया कि रक्षा संपदा अधिकारी का लेटर तो मिल गया है लेकिन इसमें रक्षा मुख्यालय से एनओसी मिलने के बाद ही काम कराया जाएगा।
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