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विधायक और इंस्पेक्टर विवाद में भाजपा बैकफुट पर
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बरेली। बहेड़ी विधायक छत्रपाल गंगवार और इंस्पेक्टर के बीच भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर विवाद में भाजपा बैकफुट पर आ गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर दो दिन पहले इस मामले को लेकर एडीजी से मिले थे। उसमें 24 घंटे में इंस्पेक्टर बहेड़ी पर कार्रवाई की बात कही गई थी। उसके बाद भाजपा विधायकों और संगठन की बैठक होनी थी। मगर भाजपा अब इस मामले में बैकफुट पर आ गई है।
एडीजी ने पूरे मामले की जांच एसपी देहात संसार सिंह को सौंप दी। एसपी देहात बहेड़ी मौके पर जांच करने भी गए थे। वहां उन्होंने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की औपचारिकता पूरी की। भाजपा नेताओं ने इंस्पेक्टर को हटाने पर अड़े हैं। वहीं इंस्पेक्टर धनंजय सिंह का कहना है कि खनन निकासी में मारपीट और रंगदारी मांगने की बात जब हद से आगे बढ़ गई तो उनको मुकदमा दर्ज करना पड़ा। कानून व्यवस्था अगर कोई हाथ में लेगा तो वह छोड़ेंगे नहीं। परिणाम चाहे कुछ भी हो। दूसरी ओर भाजपा की इस मुद्दे पर मंगलवार को बैठक होनी थी, लेकिन वह नहीं हुई। न ही कोई विधायक जुट सका और न संगठन पदाधिकारी। विधायक के मुद्दे पर भाजपा फिलहाल बैकफुट पर जाती दिख रही है। पुलिस अपने तरीके पर ही काम कर रही है। भाजपा नेताओं की चेतावनी का किसी पुलिस अफसर पर कोई असर नहीं है।
एडीजी ने पूरे मामले की जांच एसपी देहात संसार सिंह को सौंप दी। एसपी देहात बहेड़ी मौके पर जांच करने भी गए थे। वहां उन्होंने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की औपचारिकता पूरी की। भाजपा नेताओं ने इंस्पेक्टर को हटाने पर अड़े हैं। वहीं इंस्पेक्टर धनंजय सिंह का कहना है कि खनन निकासी में मारपीट और रंगदारी मांगने की बात जब हद से आगे बढ़ गई तो उनको मुकदमा दर्ज करना पड़ा। कानून व्यवस्था अगर कोई हाथ में लेगा तो वह छोड़ेंगे नहीं। परिणाम चाहे कुछ भी हो। दूसरी ओर भाजपा की इस मुद्दे पर मंगलवार को बैठक होनी थी, लेकिन वह नहीं हुई। न ही कोई विधायक जुट सका और न संगठन पदाधिकारी। विधायक के मुद्दे पर भाजपा फिलहाल बैकफुट पर जाती दिख रही है। पुलिस अपने तरीके पर ही काम कर रही है। भाजपा नेताओं की चेतावनी का किसी पुलिस अफसर पर कोई असर नहीं है।
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