फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   पोर्टेबल शॉप प्रकरण: एफआईआर को लेकर भड़के पार्षद

पोर्टेबल शॉप प्रकरण: एफआईआर को लेकर भड़के पार्षद

Sun, 02 Jun 2019 02:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 02:39 AM IST
विज्ञापन
पोर्टेबल शॉप प्रकरण: एफआईआर को लेकर भड़के पार्षद

विज्ञापन
बरेली। पोर्टेबल शॉप प्रकरण में नगर निगम की ओर से पार्षद विनोद सैनी पर शुक्रवार को दर्ज कराई गई रिपोर्ट का मामला शनिवार को तूल पकड़ गया। एकजुट हुए भाजपा-सपा के पार्षदों ने नगर निगम में जोरदार हंगामा कर करीब तीन घंटे तक नगर आयुक्त कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त से रिपोर्ट निरस्त कराने की मांग करते हुए पार्षदों ने विरोध जताया तो उन्होंने साफ कह दिया कि वह चोरी में सहयोग नहीं कर सकते। इससे गुस्साए पार्षदों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। चोर कहने और गालियां देने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं, मेयर उमेश गौतम ने पूरे मामले से नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और शासन को अवगत कराया है। पार्षदों का कहना है कि सोमवार से निगम में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पिछले दिनों इंदिरा मार्केट में लगी पोर्टेबल शॉप की नगर आयुक्त ने सिटी मजिस्ट्रेट से जांच कराई थी। इसके बाद शुक्रवार को निगम के राजस्व निरीक्षक ने वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप में भाजपा पार्षद विनोद सैनी, व्यापारी नेता दर्शनलाल भाटिया और अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। शनिवार को यह मामला तूल पकड़ गया। दोपहर 12 बजे से ही पार्षद निगम में इकट्ठे होने लगे। इसके बाद मेयर को पूरा मामला अवगत कराने के बाद दोपहर करीब एक बजे उपसभापति अतुल कपूर, उपनेता छंगामल मौर्य, मुख्य सचेतक शालिनी जौहरी आदि के नेतृत्व में भाजपा और सपा के चार दर्जन से अधिक पार्षद नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे। नगर आयुक्त मौजूद नहीं थे तो पार्षदों ने उनके कक्ष में घुसने की कोशिश की। अर्दली ने रोका तो पार्षद उनके कार्यालय के बाहर ही धरना देकर बैठ गए। नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान सतीश कातिब, सलीम पटवारी, अकील गुड्डू, अजय चौहान, मुनेंद्र यादव, अवनेश कुमार, शशि सक्सेना, मुशर्रफ अंसारी समेत तमाम पार्षद और पार्षद पति मौजूद थे।
विज्ञापन


तीन घंटे बाद आए नगर आयुक्त से तीखी नोकझोंक
नगर आयुक्त अपराह्न करीब चार बजे पहुंचे तो पार्षदों ने उनसे रिपोर्ट वापस लेने की मांग की। पार्षदों ने तर्क दिया कि नगर विकास मंत्री ने उद्घाटन किया, निगम अफसरों ने कराया तो पार्षद विनोद सैनी दोषी कैसे हो गए? उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अफसरों के बजाय पार्षद पर रिपोर्ट दर्ज कराकर राजनीति की जा रही है। नगर आयुक्त ने रिपोर्ट वापस लेने से मना किया तो उपसभापति अतुल कपूर से उनकी तीखी नोंकझोंक हुई और खासा हंगामा भी हुआ। इसके बाद पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया और उसे पढ़कर भी सुनाया, जिसमें रिपोर्ट वापस न लेने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की बात कही गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्षद बोले- हम माननीय, हमें चोर बताया
बहस के दौरान सपा पार्षद अब्दुल कयूम मुन्ना ने नगर आयुक्त से कहा कि पार्षद निगम के जनप्रतिनिधि हैं और आप इसके मुखिया हैं। पहले तो पार्षद दोषी नहीं हैं और अगर आपको कोई भ्रम था तो यह परिवार की बात थी, आप बात कर सकते थे। इस पर नगर आयुक्त ने कह दिया कि मैं चोरी में सहयोग नहीं कर सकता। यह सुनकर पार्षद नरेश शर्मा बंटी और फिर सारे पार्षद बिफर गए, बोले- जनप्रतिनिधियों को नगर आयुक्त ने चोर बताया है। इसके बाद मंत्रणा करके नगर आयुक्त के खिलाफ तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचे, जिसमें उन पर चोर कहने और गालियां देने का आरोप लगाया। कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज वर्मा ने बिना अफसरों की स्वीकृति आईएएस अफसर (नगर आयुक्त) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया और जांच की बात कहकर तहरीर रिसीव कर ली।

व्यापारी बोले- देंगे धरना
शनिवार को इंदिरा मार्केट एसोसिएशन और फड़-ठेला-खोका परिषद की मीटिंग हुई। इसमें संतोष गुप्ता ने कहा कि इंदिरा मार्केट के अध्यक्ष दर्शनलाल भाटिया से मुकदमा वापस लिया जाएगा। वरना व्यापारी धरना प्रदर्शन करेंगे।
वर्जन
जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पार्षद मुन्ना ने कहा कि हम परिवार के सदस्य हैं तो मैंने कहा कि परिवार के सदस्य हैं तो चोरी में सहयोग नहीं कर सकता। चोर किसी को नहीं कहा। निगम में भी सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया गया है, किसी ने भी पोर्टेबल शॉप के बारे में जानकारी न होने की बात कही है इसलिए उन पर कार्रवाई का कोई आधार नहीं बना है। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त


पोर्टेबल शॉप प्रकरण में पार्षद पर रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय गलत है। मैं पार्षदों के साथ हूं, उनका विरोध जायज है और गलत रिपोर्ट वापस होनी ही चाहिए। इस मामले में नगर विकास मंत्री, शासन और राज्यपाल महोदय को अवगत कराया गया है। वहीं से निर्णय लिया जाएगा। पार्षदों ने भी अपनी शिकायत भेजी है। - उमेश गौतम, मेयर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed