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शिक्षा विभाग का खेल- बंद पड़े स्कूलों में कर दी छात्रों के प्रवेश की संस्तुति
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बरेली। जिन अधिकारियों पर जिम्मेदारी है कि वो गरीब बच्चों को उचित शिक्षा दिलाएं... उन पर ही निजी स्कूलों से मिलीभगत कर खेल करने का आरोप लगा है। शिक्षा का अधिकार नियम के तहत कई गरीब बच्चों को ऐसे स्कूलों में प्रवेश की संस्तुति कर दी गई, जो या तो बंद है या गैर मान्यता प्राप्त। अब बच्चे पढ़ें तो पढ़ें कैसे। सोमवार को अभिभावकों ने बीएसए दफ्तर पहुंचकर प्रदर्शन किया तो हमेशा की तरह जांच का आश्वासन मिला है। इस जांच की आंच में बच्चे न झुलस जाएं.. ऐसा कोई इंतजाम शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नहीं किया।
बीएसए कार्यालय पहुंचे अभिभावक अबरार हुसैन, जाहिद हुसैन, प्रेमपाल, जमील, लालता प्रसाद, पूरन लाल आदि का आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा से वंचित करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने आवेदन के बाद उन स्कूलों में बच्चों के एडमिशन की संस्तुति की है जो बंद हैं या तो उनकी मान्यता खत्म हो चुकी है। एक ही परिवार के दो बच्चों का अलग-अलग स्कूलों में नाम दर्ज करवाया गया है। प्रेमपाल ने बताया कि उनकी प्राथमिकता सूची में दर्ज विद्यालय का आवंटन करने के बजाय अन्य स्कूल आवंटित कर दिया गया है। कुछ ऐसी ही स्थित अली यार खां समेत अन्य आठ लोगों ने बयां की। आरोप है कि ग्राम दोहना पीतम राय के आवेदकों को सेंट पटेल स्कूल में वरीयता में शामिल करने के बाद भी स्कूल में बच्चों का नाम शामिल नहीं किया। पूर्व में दर्ज स्कूल के नाम को सूची से हटा दिया गया है। वहीं, गलत आवेदन को भी स्वीकारते हुए विद्यालय आवंटित किए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही, कई बंद हो चुके स्कूलों का नाम भी सूची में दर्ज करने की शिकायत की है।
‘ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभिभावकों ने ही विद्यालय का चयन किया है। लॉटरी विधि से बच्चों को स्कूलों का आवंटन हुआ है। हालांकि, शिकायत का निस्तारण कराकर बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।’
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- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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बीएसए कार्यालय पहुंचे अभिभावक अबरार हुसैन, जाहिद हुसैन, प्रेमपाल, जमील, लालता प्रसाद, पूरन लाल आदि का आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा से वंचित करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने आवेदन के बाद उन स्कूलों में बच्चों के एडमिशन की संस्तुति की है जो बंद हैं या तो उनकी मान्यता खत्म हो चुकी है। एक ही परिवार के दो बच्चों का अलग-अलग स्कूलों में नाम दर्ज करवाया गया है। प्रेमपाल ने बताया कि उनकी प्राथमिकता सूची में दर्ज विद्यालय का आवंटन करने के बजाय अन्य स्कूल आवंटित कर दिया गया है। कुछ ऐसी ही स्थित अली यार खां समेत अन्य आठ लोगों ने बयां की। आरोप है कि ग्राम दोहना पीतम राय के आवेदकों को सेंट पटेल स्कूल में वरीयता में शामिल करने के बाद भी स्कूल में बच्चों का नाम शामिल नहीं किया। पूर्व में दर्ज स्कूल के नाम को सूची से हटा दिया गया है। वहीं, गलत आवेदन को भी स्वीकारते हुए विद्यालय आवंटित किए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही, कई बंद हो चुके स्कूलों का नाम भी सूची में दर्ज करने की शिकायत की है।
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‘ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभिभावकों ने ही विद्यालय का चयन किया है। लॉटरी विधि से बच्चों को स्कूलों का आवंटन हुआ है। हालांकि, शिकायत का निस्तारण कराकर बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।’
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- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए