{"_id":"5cd9c498bdec220715068321","slug":"151557775512-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंपाउंडिंग कैंप में बीडीए ने 1.25 करोड़ वसूले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंपाउंडिंग कैंप में बीडीए ने 1.25 करोड़ वसूले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बीडीए ने अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग कैंप में अब तक 1.25 करोड़ से अधिक की रकम वसूल ली है। 40 नर्सिंग होम मालिकों ने कंपाउंडिंग के आवेदन फॉर्म लिए हैं। इनमें कुछ बरातघर मालिक भी हैं। मगर आवेदन फॉर्म खरीदने के बाद यह कंपाउंडिंग कराने नहीं आए हैं।
बीडीए ने सात मई से कंपाउंडिंग कैंप लगा रखा है। इसमें पहले दिन शहर के व्यापारियों को भी बुलाया गया था। इसमें व्यापारियों ने बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल से कंपाउंडिंग अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया था। मगर व्यापारियों ने अब तक बीडीए के अभियान में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। व्यापारी नेताओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में अवैध निर्माण को कंपाउंड कराने के लिए लाखों की इंपैक्ट फीस देने में व्यापारियों को मुश्किलें आ रही हैं। इंपैक्ट फीस के बाद कंपाउंडिंग फीस भी देनी पड़ेगी। दोनों फीस थोड़े अंतराल पर दे पाने में व्यापारी परेशानी महसूस कर रहे हैं। बीडीए की छह टीमों ने सोमवार को भी शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर अवैध निर्माण चिह्नित किए। हालांकि अवैध निर्माण चिन्हीकरण के नाम पर बीडीए की टीम केवल खानापूरी ही कर रही है क्योंकि अधिकांश इलाकों में अवैध निर्माण जोरों पर चल रहे हैं। बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। कांपलेक्स निर्माण भी चल रहे हैं। बीडीए इंजीनियर अवैध भवन निर्माणों को पूरा कराने का पूरा मौका भवन मालिकों को दे रहे हैं।
विज्ञापन
बीडीए ने सात मई से कंपाउंडिंग कैंप लगा रखा है। इसमें पहले दिन शहर के व्यापारियों को भी बुलाया गया था। इसमें व्यापारियों ने बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल से कंपाउंडिंग अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया था। मगर व्यापारियों ने अब तक बीडीए के अभियान में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। व्यापारी नेताओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में अवैध निर्माण को कंपाउंड कराने के लिए लाखों की इंपैक्ट फीस देने में व्यापारियों को मुश्किलें आ रही हैं। इंपैक्ट फीस के बाद कंपाउंडिंग फीस भी देनी पड़ेगी। दोनों फीस थोड़े अंतराल पर दे पाने में व्यापारी परेशानी महसूस कर रहे हैं। बीडीए की छह टीमों ने सोमवार को भी शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर अवैध निर्माण चिह्नित किए। हालांकि अवैध निर्माण चिन्हीकरण के नाम पर बीडीए की टीम केवल खानापूरी ही कर रही है क्योंकि अधिकांश इलाकों में अवैध निर्माण जोरों पर चल रहे हैं। बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। कांपलेक्स निर्माण भी चल रहे हैं। बीडीए इंजीनियर अवैध भवन निर्माणों को पूरा कराने का पूरा मौका भवन मालिकों को दे रहे हैं।
विज्ञापन