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मौन रहना नहीं, आवाज देना सीखिए
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मौन रहना नहीं, आवाज देना सीखिए
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एनसीसी कैंप में कैडेट्स के बीच अपराजिता की पाठशाला
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बरेली। अमर उजाला के अभियान ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शनिवार को एनसीसी कैडेट्स के बीच कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान अतिथियों ने विभिन्न घटनाक्रम और उदाहरणों के माध्यम से विभिन्न जिलों से आई कैडेट्स का उत्साहवर्धन कर उनका हौसला बढ़ाया।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के न्यू ब्वॉयज हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैंप की दंडपाल और बरेली कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा हम, बेटी, पत्नी, मां और बहन के रूप में समाज में हैं, लेकिन नारी का एक पर्यायवाची ‘भार्या’ होता है। इसका मतलब दूसरों पर भार है। हमें इस सोच को दूर करना होगा। हमें सुनना पड़ता है कि लड़की की शादी की उम्र हो गई। इस तरह की सोच को खत्म करने की जरूरत है। नारी को आजादी चाहिए, उत्तरदायित्व से नहीं, इस तरह के सवालों से। कैडेट्स से कहा कि आप सब भाग्यशाली हैं, जो यहां तक पहुंची हैं। इसलिए आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में आप सभी दूसरों की मदद के मौकों पर मौन नहीं रहें, एकजुट होकर आवाज देना सीखिए। उनसे पूर्व डॉ. पूनम सिंह ने कैडेट्स को कविता के माध्यम से अपराजिता का महत्व बताया। तमाम कैडेट्स ने भी नारी सशक्तीकरण को लेकर अपने विचार और कविताएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान कैंप कमांडेंट कर्नल अमरजीत वासदेव, ममता शर्मा, कुंती मेहता, कल्पना पांडेय आदि मौजूद रहीं।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के न्यू ब्वॉयज हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैंप की दंडपाल और बरेली कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा हम, बेटी, पत्नी, मां और बहन के रूप में समाज में हैं, लेकिन नारी का एक पर्यायवाची ‘भार्या’ होता है। इसका मतलब दूसरों पर भार है। हमें इस सोच को दूर करना होगा। हमें सुनना पड़ता है कि लड़की की शादी की उम्र हो गई। इस तरह की सोच को खत्म करने की जरूरत है। नारी को आजादी चाहिए, उत्तरदायित्व से नहीं, इस तरह के सवालों से। कैडेट्स से कहा कि आप सब भाग्यशाली हैं, जो यहां तक पहुंची हैं। इसलिए आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में आप सभी दूसरों की मदद के मौकों पर मौन नहीं रहें, एकजुट होकर आवाज देना सीखिए। उनसे पूर्व डॉ. पूनम सिंह ने कैडेट्स को कविता के माध्यम से अपराजिता का महत्व बताया। तमाम कैडेट्स ने भी नारी सशक्तीकरण को लेकर अपने विचार और कविताएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान कैंप कमांडेंट कर्नल अमरजीत वासदेव, ममता शर्मा, कुंती मेहता, कल्पना पांडेय आदि मौजूद रहीं।
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