{"_id":"69bdc0ae42b7bdeb9b0f3c08","slug":"1500-crore-rupees-down-the-drain-minor-rain-blows-power-supply-bareilly-news-c-4-bly1053-847508-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: पानी में 1500 करोड़ रुपये, मामूली बारिश ने उड़ाया बिजली का फ्यूज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: पानी में 1500 करोड़ रुपये, मामूली बारिश ने उड़ाया बिजली का फ्यूज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। विद्युत निगम की ओर से बिजली व्यवस्था सुधार के लिए सालभर में 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए। शुक्रवार को हुई मामूली बारिश ने इन कार्यों की कलई खोल दी। आलम यह रहा है कि शहर के आठ उपकेंद्र पूरी तरह ठप हो गए। इसके अलावा छह फीडरों की भी बिजली गुल हो गई। लाइनों की मरम्मत के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में दो से चार घंटे तक आपूर्ति ठप रही। करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह हवा के साथ जैसे ही बारिश शुरू हुई, शहर के विभिन्न इलाकों में ट्रिपिंग व अन्य फॉल्ट होने लगे। कोहाड़ापीर, कैंट, किला, लोहिया विहार, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर, पवन विहार, हरूनगला उपकेंद्रों से सुबह करीब 10 बजे आपूर्ति बाधित हो गई। इस दौरान हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराने के लिए घंटियां घनघनाने लगीं।
इसके अलावा चौपुला, किला, टीपी नगर, बाइपास, जगतपुर, मीरा की पैठ फीडरों से भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। मरम्मत के दौरान निगम के अभियंता व लाइनमैन हांफते नजर आए। जैसे-तैसे कहीं दो तो कुछ इलाकों में तीन से चार घंटे बाद आपूर्ति को बहाल किया जा सका। विभाग का दावा है कि ट्रिपिंग की समस्या ज्यादा रही। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह हवा के साथ जैसे ही बारिश शुरू हुई, शहर के विभिन्न इलाकों में ट्रिपिंग व अन्य फॉल्ट होने लगे। कोहाड़ापीर, कैंट, किला, लोहिया विहार, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर, पवन विहार, हरूनगला उपकेंद्रों से सुबह करीब 10 बजे आपूर्ति बाधित हो गई। इस दौरान हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराने के लिए घंटियां घनघनाने लगीं।
विज्ञापन
इसके अलावा चौपुला, किला, टीपी नगर, बाइपास, जगतपुर, मीरा की पैठ फीडरों से भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। मरम्मत के दौरान निगम के अभियंता व लाइनमैन हांफते नजर आए। जैसे-तैसे कहीं दो तो कुछ इलाकों में तीन से चार घंटे बाद आपूर्ति को बहाल किया जा सका। विभाग का दावा है कि ट्रिपिंग की समस्या ज्यादा रही। ब्यूरो
विज्ञापन