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मेघालय और गोवा में आम लोगों का भोजन है बीफ
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:48 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित पांडे ने कहा है कि भाजपा के लोग सिर्फ झूठे वादे करते हैं। यह बात केन्द्र सरकार के तीन साल के कार्यकाल में सामने आ चुकी है। वजह है भाजपा की सरकारें गाय को बचाना तो दूर गोवा में खुद कटवाती है, जबकि मेघालय और केरल में बीफ पर खुली छूट पर चुप्पी साधे है।
जेएनयू अध्यक्ष शनिवार को यहां अपने गृह जनपद में आगमन के दौरान एक होटल में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने तीन साल में कितनों को रोजगार दिया, शिक्षा के स्तर में क्या सुधार किया, कितना अपराध कम हुआ और किसानों की माली हालत सुधारने के लिए क्या प्रयास किए, इसका भी जवाब दें। उन्होंने कहा कि अभी तक गन्ना भुगतान बकाया है, खून पसीना बहाकर फसल उगाने वाले अन्नदाता की आर्थिक स्थिति आज भी दयनीय है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनें करीब तीन माह बीत रहे हैं, लेकिन जनता की भलाई के लिए कोई काम नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार खाने पीने और धार्मिक परंपराओं में ही उलझी हुई है। मोहित ने केरल में गाय काट कर कांग्रेसियों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन अनुचित करार दिया। वहीं बीफ के सवाल पर कहा कि मेघालय में भाजपा कार्यकर्ता ही खाते हैं, दिल्ली में बैन है और गोवा में सरकार खुद गाय कटवाती है और लोग खाते हैं, जो लोगों का आम भोजन है। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने आने के लिए आदमी कुछ भी करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बिहार की मुशहर जाति के लोग चूहा खाते है, उन लोगों ने किस मजबूरी में यह खाना शुरू किया इसकी भी पड़ताल की जानी चाहिए, इसलिए खाना पीना आम बात है। इसमें मुद्दा बनाना सिर्फ राजनीति है। जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों पर कहा कि जिन लोगों ने राष्ट्रद्रोह की हरकतें की थीं, उन्हें रोका गया था। वार्ता के दौरान माकपा के महासचिव रामदरस, मास्टर श्रीनाथ, सपा नेता संदीप वर्मा, मुश्ताक अली, सुरेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
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जेएनयू अध्यक्ष शनिवार को यहां अपने गृह जनपद में आगमन के दौरान एक होटल में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने तीन साल में कितनों को रोजगार दिया, शिक्षा के स्तर में क्या सुधार किया, कितना अपराध कम हुआ और किसानों की माली हालत सुधारने के लिए क्या प्रयास किए, इसका भी जवाब दें। उन्होंने कहा कि अभी तक गन्ना भुगतान बकाया है, खून पसीना बहाकर फसल उगाने वाले अन्नदाता की आर्थिक स्थिति आज भी दयनीय है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनें करीब तीन माह बीत रहे हैं, लेकिन जनता की भलाई के लिए कोई काम नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार खाने पीने और धार्मिक परंपराओं में ही उलझी हुई है। मोहित ने केरल में गाय काट कर कांग्रेसियों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन अनुचित करार दिया। वहीं बीफ के सवाल पर कहा कि मेघालय में भाजपा कार्यकर्ता ही खाते हैं, दिल्ली में बैन है और गोवा में सरकार खुद गाय कटवाती है और लोग खाते हैं, जो लोगों का आम भोजन है। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने आने के लिए आदमी कुछ भी करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बिहार की मुशहर जाति के लोग चूहा खाते है, उन लोगों ने किस मजबूरी में यह खाना शुरू किया इसकी भी पड़ताल की जानी चाहिए, इसलिए खाना पीना आम बात है। इसमें मुद्दा बनाना सिर्फ राजनीति है। जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों पर कहा कि जिन लोगों ने राष्ट्रद्रोह की हरकतें की थीं, उन्हें रोका गया था। वार्ता के दौरान माकपा के महासचिव रामदरस, मास्टर श्रीनाथ, सपा नेता संदीप वर्मा, मुश्ताक अली, सुरेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
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