फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   सर! रामगंगा चाहती हैं गोलाघाट का पुल और ‘बड़ा’ हो

सर! रामगंगा चाहती हैं गोलाघाट का पुल और ‘बड़ा’ हो

Mon, 17 Sep 2018 02:08 AM IST
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
सर! रामगंगा चाहती हैं गोलाघाट का पुल और ‘बड़ा’ हो
बरेली। अपनों की ही लापरवाही से सरकार को करोड़ों का चूना कैसे लगता है, इसकी एक बानगी मीरगंज-सिरौली पुल और सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट में देखी जा सकती है। इस परियोजना में पहले ब्रिज कारपोरेशन के अफसरों ने रामगंगा पर गोलाघाट पर पुल की लंबाई की सही नापजोख ही नहीं की। नतीजा यह है कि पुल का निर्माण वर्ष 2009 में मंजूर होने के बावजूद अब तक लटका है। इस पर आवागमन भी ठप पड़ा हुआ है। करीब नौ साल बाद इस प्रोजेक्ट को रिवाइज किया गया तो पुल की लंबाई बढ़ाने के साथ ही पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम दोनों के अधिकारियों ने पहले हो चुके कार्य की लागत भी बढ़ा दी है। अब इस परियोजना में 16 के बजाय 43 करोड़ रुपये की रकम खर्च की जाएगी।
विज्ञापन

आंवला के रास्ते बिसौली और अलीगढ़ जाने वाले वाहनों को बरेली होकर न जाना पड़े, इसके लिए मीरगंज-सिरौली के बीच वर्ष 2009 में पुल और रोड का निर्माण मंजूर हुआ था। रामगंगा नदी के गोला घाट पर 546 मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये मंजूर हुआ था। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी को रोड बनाने के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। बताते हैं कि सेतु निगम के अधिकारियों ने नदी की चौड़ाई की नापजोख ठीक से नहीं की। इससे पुल की लंबाई नदी की चौड़ाई से काफी कम रह गईं। हालांकि अब विभागीय अधिकारी नदी में आई बाढ़ से उसका पाट बढ़ जाने को इसकी वजह बता रहे हैं। बहरहाल सरकारी मशीनरी की लापरवाही से पुल निर्माण के नाम पर 13 करोड़ खर्च तो हो गए लेकिन यह प्रोजेक्ट अधूरा रह जाने से पुल पर आवागमन नहीं शुरू हो सका।
विज्ञापन

वर्ष 2013 तक काम चला भी, बाद में यह ठप हो गया। इसके बाद क्षेत्रीय जनता ने इसे लेकर काफी विरोध किया, लेकिन पांच साल तक अफसरों ने कोई सुध नहीं ली। इधर, ब्रिज कारपोरशन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को फिर से रिवाइज किया है। इसके बाद पुल की लंबाई को करीब 230 मीटर और बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा इस्टीमेट में जीएसटी भी शामिल हो गई है। इससे इसकी लागत बढ़कर करीब 24 करोड़ हो गई है। उधर पीडब्ल्यूडी ने भी रोड का इस्टीमेट संशोधित कर दिया है। दोनों को मिलाकर अब यह परियोजना पर 43 करोड़ की धनराशि खर्च होनी है। इसमें पूर्व में हो चुके कामों के भी रेट रिवाइज कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गोला घाट पर ब्रिज का काफी काम हो चुका है। चूंकि पुल की लंबाई बढ़नी थी, इसलिए पूरे प्रोजेक्ट का एस्टीमेट भी नए सिरे से तैयार किया गया है। इससे पहले हो चुके कामों की भी लागत उसी हिसाब से बढ़ गई है। -वीरेंद्र कुमार, एक्सईएन सेतू निगम


रामगंगा पर पुल न बन पाने से रोड पर आवागमन भी नहीं हो पा रहा था। हाल में इस प्रोजेक्ट के रेट रिवाइज का प्रस्ताव शासन में भेजा गया था। धनराशि मिलते ही काम शीघ्र शुरू कराने की तैयारी है। - राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed