{"_id":"5c6db2d5bdec2273896360e3","slug":"131550693077-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम बेजार साहब भी लाचार- अग्निशमन यंत्र बेकार, खुले हथियार और निगम में ‘बार’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम बेजार साहब भी लाचार- अग्निशमन यंत्र बेकार, खुले हथियार और निगम में ‘बार’
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बरेली। अक्सर पब्लिक के लोगों के खिलाफ नियम-कायदे तोड़ने पर कानून का शिकंजा कसा जाता है, लेकिन जिन अफसरों को सरकार ने नियम-कायदों पर अमल कराने की जिम्मेदारी दे रखी है, खुद उनकी नाक के नीचे उनका कचूमर निकाला जा रहा है। सरकारी महकमों में ही कायदे-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अफसर बेखबर हैं। बुधवार को सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में भी प्रशासन के आला अफसरों की मौजूदगी में ऐसे कई नजारे दिखाई दिए लेकिन किसी भी अफसर ने इस पर मातहतों को कसना तो दूर, खामियों का संज्ञान तक नहीं लिया। यहां एडीएम सिटी, एसडीएम, एसपी सिटी सहित कई अफसर मौजूद थे। कमिश्नर रणवीर प्रसाद और सीडीओ सत्येंद्र कुमार भी निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन किसी का ध्यान इन पर नहीं गया।
सरकारी महकमा है, एक्सपायर अग्निशमन यंत्र भी चलेगा
जिस सिस्टम पर पब्लिक की सुरक्षा का जिम्मा है, वह खुद कितना गंभीर है, इसका नजारा सदर तहसील में दिखाई दिया। तहसील में लगे अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट साल भर पहले ही निकल चुकी हैं, लेकिन इन्हें अब तक नहीं बदला गया है। इन अग्निशमन यंत्रों पर चस्पा रसीद के मुताबिक उनकी वैधता वर्ष 2018 में समाप्त हो चुकी है। यह लापरवाही तब है जबकि तहसील में तमाम महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ दिन में काफी भीड़ भी मौजूद रहती है।
अफसर बेपरवाह तो नंगी पिस्टल भी लगाएगा पुलिस वाला
चाहे कोई पुलिस वाला हो या फिर पब्लिक का आदमी, नियम है कि रिवाल्वर या पिस्टल को होलस्टर में ही रखा जाएगा लेकिन बुधवार को तहसील दिवस के दौरान एसपी लिखी गाड़ी में अपने अफसर के साथ आया एक सुरक्षा कर्मी कमर में नंगी पिस्टल लगाकर पहुंचा। एसपी तो उसकी इस ‘बेअदबी’ से बेखबर थे ही, प्रशासन के अफसरों ने भी उसे देखकर अनदेखा कर दिया। नंगी पिस्टल लगाए यह पुलिस कर्मी तहसील दिवस खत्म होने तक इधर-उधर घूमता रहा।
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सीट बेल्ट लगाने का नियम भी सिर्फ पब्लिक के लिए
ट्रैफिक रूल्स के तहत फोर व्हीलर गाड़ियां चलाते समय ड्राइवर को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लेकिन तहसील दिवस में पहुंचे कमिश्नर और सीडीओ जैसे उच्चाधिकारियों के ड्राइवरों ने भी सेफ्टी बेल्ट नहीं लगाई हुई थी। कहने की जरूरत नहीं कि कमिश्नर और सीडीओ के ड्राइवरों के यह नियम-कायदा तोड़ने का अगर किसी ने संज्ञान लिया भी होगा तो उन्हें टोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया होगा।
यह नगर निगम है या ‘बार’
बरेली। नए नगर आयुक्त सैमुअल पॉन एन. नगर निगम को सुधारने की कवायद में लगे तो जरूर हैं मगर नगर निगम कार्यालय को ‘बार’ की तरह इस्तेमाल करने के आदी कर्मचारी कब तक उनके कब्जे में आएंगे, यह शायद वक्त ही बता पाएगा। हालांकि बुधवार को भी नगर निगम का नजारा बता रहा था कि कर्मचारियों को नए नगर आयुक्त के आने की भी कोई परवाह नहीं है। परिसर में कई शराब की बोतलें पड़ी थीं। महत्वपूर्ण दस्तावेज बोरे में भरकर ऑडिट कक्ष के बाहर फेंक दिए गए थे।
बुधवार को दफ्तर खुला तो सेंट्रल ऑफिस के पीछे की ओर शराब की कई बोतलें पड़ी नजर आईं। टैक्स काउंटर के पास ईंटों के ढेर में भी शराब की बोतलें पड़ी थीं। इसको लेकर नगर निगम में चर्चा भी रही लेकिन किसी ने हटवाने की जहमत नहीं उठाई। नगर आयुक्त कार्यालय से कुछ दूरी पर स्थित ऑडिट कक्ष के बाहर दो बोरी दस्तावेज पड़े नजर आए। बोरी फट चुकी थी और इस पर धूल मिट्टी जम रही थी। बोरा बंद होने के कारण यह नहीं पता चल सका कि यह दस्तावेज क्या हैं।
नगर निगम में शराब की बोतलें पड़ी होने और दस्तावेज खुले में फेंकने के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। इसे बारे में जानकारी करके कार्रवाई कराई जाएगी। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त
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सरकारी महकमा है, एक्सपायर अग्निशमन यंत्र भी चलेगा
जिस सिस्टम पर पब्लिक की सुरक्षा का जिम्मा है, वह खुद कितना गंभीर है, इसका नजारा सदर तहसील में दिखाई दिया। तहसील में लगे अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट साल भर पहले ही निकल चुकी हैं, लेकिन इन्हें अब तक नहीं बदला गया है। इन अग्निशमन यंत्रों पर चस्पा रसीद के मुताबिक उनकी वैधता वर्ष 2018 में समाप्त हो चुकी है। यह लापरवाही तब है जबकि तहसील में तमाम महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ दिन में काफी भीड़ भी मौजूद रहती है।
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अफसर बेपरवाह तो नंगी पिस्टल भी लगाएगा पुलिस वाला
चाहे कोई पुलिस वाला हो या फिर पब्लिक का आदमी, नियम है कि रिवाल्वर या पिस्टल को होलस्टर में ही रखा जाएगा लेकिन बुधवार को तहसील दिवस के दौरान एसपी लिखी गाड़ी में अपने अफसर के साथ आया एक सुरक्षा कर्मी कमर में नंगी पिस्टल लगाकर पहुंचा। एसपी तो उसकी इस ‘बेअदबी’ से बेखबर थे ही, प्रशासन के अफसरों ने भी उसे देखकर अनदेखा कर दिया। नंगी पिस्टल लगाए यह पुलिस कर्मी तहसील दिवस खत्म होने तक इधर-उधर घूमता रहा।
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सीट बेल्ट लगाने का नियम भी सिर्फ पब्लिक के लिए
ट्रैफिक रूल्स के तहत फोर व्हीलर गाड़ियां चलाते समय ड्राइवर को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लेकिन तहसील दिवस में पहुंचे कमिश्नर और सीडीओ जैसे उच्चाधिकारियों के ड्राइवरों ने भी सेफ्टी बेल्ट नहीं लगाई हुई थी। कहने की जरूरत नहीं कि कमिश्नर और सीडीओ के ड्राइवरों के यह नियम-कायदा तोड़ने का अगर किसी ने संज्ञान लिया भी होगा तो उन्हें टोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया होगा।
यह नगर निगम है या ‘बार’
बरेली। नए नगर आयुक्त सैमुअल पॉन एन. नगर निगम को सुधारने की कवायद में लगे तो जरूर हैं मगर नगर निगम कार्यालय को ‘बार’ की तरह इस्तेमाल करने के आदी कर्मचारी कब तक उनके कब्जे में आएंगे, यह शायद वक्त ही बता पाएगा। हालांकि बुधवार को भी नगर निगम का नजारा बता रहा था कि कर्मचारियों को नए नगर आयुक्त के आने की भी कोई परवाह नहीं है। परिसर में कई शराब की बोतलें पड़ी थीं। महत्वपूर्ण दस्तावेज बोरे में भरकर ऑडिट कक्ष के बाहर फेंक दिए गए थे।
बुधवार को दफ्तर खुला तो सेंट्रल ऑफिस के पीछे की ओर शराब की कई बोतलें पड़ी नजर आईं। टैक्स काउंटर के पास ईंटों के ढेर में भी शराब की बोतलें पड़ी थीं। इसको लेकर नगर निगम में चर्चा भी रही लेकिन किसी ने हटवाने की जहमत नहीं उठाई। नगर आयुक्त कार्यालय से कुछ दूरी पर स्थित ऑडिट कक्ष के बाहर दो बोरी दस्तावेज पड़े नजर आए। बोरी फट चुकी थी और इस पर धूल मिट्टी जम रही थी। बोरा बंद होने के कारण यह नहीं पता चल सका कि यह दस्तावेज क्या हैं।
नगर निगम में शराब की बोतलें पड़ी होने और दस्तावेज खुले में फेंकने के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। इसे बारे में जानकारी करके कार्रवाई कराई जाएगी। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त