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जांच के बाद 14वें वित्त के कार्यों को मिलेगी मंजूरी
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बरेली। दस जनवरी को होने वाली 14वें वित्त की बैठक में नगर निगम और जल निगम के 21.35 करोड़ रुपये के विकास कार्य मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। इस राशि से सड़क, नाली, नाला, ट्यूबवेल एवं सीवर लाइन के कार्य होंगे। मगर इससे पहले कमिश्नर रणवीर प्रसाद पीडब्ल्यूडी से इन कार्यों की उपयोगिता की जांच करा रहे हैं।
14वें वित्त की बैठक को लेकर लंबे समय से घमासान चल रहा है। शासन ने इसे 15 दिसंबर तक कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कमिश्नर ने दस जनवरी को कराने की मंजूरी दी है। कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नगर निगम 18.5 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखेगा। इस राशि से सड़कें और नाला-नाली बनाए जाएंगे। इसके अलावा 2.85 करोड़ रुपये के विकास कार्य जल निगम की ओर से रखे जाएंगे। इसमें डेढ़ करोड़ रुपये से सीवर लाइन के काम होंगे। 1.35 करोड़ से वीर सावरकरनगर एवं कर्मचारीनगर में नए ट्यूबवेल और सिविल लाइंस एवं आवास विकास के ट्यूबवेल री-बोर कराए जाएंगे।
एनओसी के इंतजार में लटके सात प्रस्तावों पर चर्चा
नगर निगम के सात निर्माण कार्य रेलवे और वन विभाग की एनओसी न मिलने के चलते अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। इसमें राजीवनगर नाला, सुभाषनगर नाला और कुछ अन्य काम हैं। यह काम पिछली बैठक में पास हुए थे, लेकिन एनओसी न मिलने के चलते अधर में लटके हैं।
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कमिश्नर करा रहे उपयोगिता की जांच
14वें वित्त की बैठक में इन कामों को मंजूरी देने से पहले कमिश्नर ने सभी कार्यों की उपयोगिता जांचने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर जाकर कार्यों का सत्यापन कर रही है। नगर निगम अफसरों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कामों की मंजूरी से पहले जांच कराई जा रही है।
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14वें वित्त की बैठक को लेकर लंबे समय से घमासान चल रहा है। शासन ने इसे 15 दिसंबर तक कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कमिश्नर ने दस जनवरी को कराने की मंजूरी दी है। कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में नगर निगम 18.5 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखेगा। इस राशि से सड़कें और नाला-नाली बनाए जाएंगे। इसके अलावा 2.85 करोड़ रुपये के विकास कार्य जल निगम की ओर से रखे जाएंगे। इसमें डेढ़ करोड़ रुपये से सीवर लाइन के काम होंगे। 1.35 करोड़ से वीर सावरकरनगर एवं कर्मचारीनगर में नए ट्यूबवेल और सिविल लाइंस एवं आवास विकास के ट्यूबवेल री-बोर कराए जाएंगे।
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एनओसी के इंतजार में लटके सात प्रस्तावों पर चर्चा
नगर निगम के सात निर्माण कार्य रेलवे और वन विभाग की एनओसी न मिलने के चलते अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। इसमें राजीवनगर नाला, सुभाषनगर नाला और कुछ अन्य काम हैं। यह काम पिछली बैठक में पास हुए थे, लेकिन एनओसी न मिलने के चलते अधर में लटके हैं।
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कमिश्नर करा रहे उपयोगिता की जांच
14वें वित्त की बैठक में इन कामों को मंजूरी देने से पहले कमिश्नर ने सभी कार्यों की उपयोगिता जांचने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर जाकर कार्यों का सत्यापन कर रही है। नगर निगम अफसरों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कामों की मंजूरी से पहले जांच कराई जा रही है।